संतकबीरनगर। मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में अल्ट्रासाउंड केंद्र के पंजीयन के दौरान अभिलेख सत्यापन करने के दौरान फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ। डॉक्टर की डिग्री फर्जी लगी थी। इस दौरान सीएमओ कार्यालय के हडकंप मच गया।सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंचकर मामले की जांच करने में जुट गई।
सीएमओ कार्यालय में अल्ट्रासाउंड केंद्र के पंजीकरण के लिए नवजीवन डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम से ऑनलाइन आवेदन किया गया था। इस आवेदन में मधु रानी निकट जिला अस्पताल आजमगढ़की चिकित्सक की डिग्री लगाई गई थी। साथ ही अन्य दस्तावेज लगाए गए थे। एसीएमओ डॉ. रामरतन ने फाइल के साथ आवेदन का सत्यापन करना शुरू की तो उन्होंने संबंधित चिकित्सक से पूछा कि किस वर्ष और कहां से आपने पढ़ाई की है तो वह हिचकिचाने लगी। इस पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम रतन ने जब कड़ाई से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि हमें कुछ पैसे देकर लोग लाए थे। मैं बीएएमएस हूं, बनारस में प्रैक्टिस करती हूं।
अब मैं दुबारा ऐसा नहीं करूंगी। इन लोगों ने हमें सही बात की जानकारी नहीं दी। बहरहाल आवेदन को निरस्त कर दिया गया। साथ ही उक्त मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई। देर रात तक पुलिस मामले की जांच में जुटी रही। अपर सीएमओ डॉ. रामरतन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।