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घर का 48 बार खाना खाया, आम सिर्फ तीन बार : केजरीवाल

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कहा- ईडी ट्रायल कोर्ट के सामने हास्यास्पद दलीलें देकर ओछी हरकत कर रहा
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अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला 22 अप्रैल तक सुरक्षित रखा

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को अदालत में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उस दावे को गलत बताया कि वे चिकित्सा आधार पर जमानत पाने के कारण अपने रक्त शर्करा को बढ़ाने के लिए आम खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घर से 48 बार जेल भेजे गए भोजन में केवल तीन बार ही आम भेजे गए थे। वहीं, अदालत ने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि क्या केजरीवाल ने न्यायिक हिरासत में घर का बना खाना स्वीकार करते समय अदालत की ओर से अनुमोदित आहार चार्ट का पालन किया था या नहीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोमवार तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है।
न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के सामने ईडी हास्यास्पद दलीलें देकर ओछी हरकत कर रही है। ईडी मीडिया ट्रायल करना चाहती है। केजरीवाल चाय में केवल शुगर-फ्री का उपयोग करते हैं। ईडी के बयान पूरी तरह से झूठे और दुर्भावनापूर्ण हैं। वहीं, ईडी की ओर से पेश वकील जोहेब होसैन ने बृहस्पतिवार को कहा था कि केजरीवाल जमानत पाने के लिए शुगर लेवल बढ़ाने के लिए जानबूझकर जेल में आम व मिठाइयां खा रहे हैं। जोहेब शुक्रवार को भी आरोपों पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के आहार की सामग्री डॉक्टर के निर्धारित आहार से मेल नहीं खाती है। आहार चार्ट में मिठाई या मीठे फलों का कोई संदर्भ नहीं है। आहार बहुत विनियमित है। इससे उनके शुगर लेवल में बढ़ोतरी हो रही है।
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केजरीवाल ने डाली नई याचिका, डाॅक्टर से मुलाकात की अनुमति मांगी
केजरीवाल ने पुराना आवेदन वापस ले लिया और नई याचिका दायर कर मधुमेह व रक्त शर्करा के स्तर में उतार-चढ़ाव की निगरानी के लिए प्रतिदिन एक डॉक्टर से पंद्रह मिनट की मुलाकात की अनुमति मांगी। उन्होंने यह भी प्रार्थना की कि पत्नी सुनीता केजरीवाल को मेडिकल जांच के दौरान उपस्थित रहने की अनुमति दी जाए। उनके वकील सिंघवी ने कहा कि केजरीवाल को 12 साल से हर दिन इंसुलिन दी जा रही है। इसकी बहुत बारीकी से निगरानी करनी होगी। केजरीवाल ने कई बार कहा है कि केवल मेरा डॉक्टर ही बारीकी से निगरानी कर सकता है। ऐसे में डॉक्टर से परामर्श करने की अनुमति दी जाए।
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