गाजियाबाद। बांग्लादेश में कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी के धंधे में जनपद मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के गांव रार्धना में रहने वाला आसिफ दुबई में बैठकर सिरप की बुकिंग करता था। उसके बाद वाराणसी के शुभम जायसवाल को आर्डर भेजा जाता था। जिसकी आपूर्ति शुभम जायसवाल अपने गिरोह के सद्स्यों के साथ करता था। यह मामला एसआईटी की जांच में उजागर हुआ है। जांच में 17 आरोपियों के अलावा दो नाम और सामने आए हैं। जिन्हें एसआईटी जल्द उजागर करेगी।
एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि सिरप तस्करी में बरामद पांच ट्रकों में से तीन ट्रकों में लदे माल का बिल वान्य इंटरप्राइज के नाम से ही काटे गए थे। जिसका मालिक विशाल उपाध्याय है। एक ट्रक सिरप का बिल आरएस फार्मा दिल्ली के नाम से बनाया गया है। एक ट्रक जिसमें फेंसीडिल मौजूद था, उसका बिल मेसर्स एवी इंटरप्राइज दिल्ली के नाम से बनाए गए, इसका मालिक अभिषेक शर्मा बताया गया। एसआईटी अब सिरप तस्करी में चंदौली और जौनपुर के कनेक्शन को भी खोज कर रही है। एडीसीपी ने बताया कि आसिफ के दुबई में होने के पुख्ता सुबूत मिलते ही उसके खिलाफ भी लुकआउट नोटिस जारी कराया जाएगा।