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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को जोड़ेगी एक्वा लाइन

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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को जोड़ेगी एक्वा लाइन
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नोएडा। नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच बने एक्वा लाइन कॉरिडोर का विस्तार ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक होगा। यह ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे व पुराने नेशनल हाइवे-91 को जोड़ने का काम करेगा। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को मेट्रो की सुविधाएं दिलाना होगा। इस बाबत नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) ने दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) को पत्र लिखकर संभावनाएं तलाशने की अपील की है। एनएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक एक्वा लाइन की लंबाई नोएडा के सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा के मेट्रो डिपो तक 29.5 किलोमीटर है। इसका विस्तार बोड़ाकी तक करने की योजना पाइपलाइन में है। अब एनएमआरसी का प्रयास है कि यह बोड़ाकी से आगे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक चली जाए। यही नहीं वहां हाइवे से भी इसे जोड़ने की योजना है। अगर ऐसा होता है तो एक्वा लाइन पर यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी। डीएमआरसी इसकी संभावनाओं को लेकर सर्वे करेगी।
डिपो से 4.5 किलोमीटर लंबी होगी लाइन
अगर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक एक्वा लाइन जाती है तो इसके लिए डिपो स्टेशन तक करीब 4.5 किलोमीटर लंबी लाइन बिछानी होगी। जो कि एलिवेटेड ट्रैक पर होगी। इसके लिए स्थान और रूट को लेकर भी मंथन किया जाएगा।
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बोड़ाकी स्टेशन को मिलेगी अहमियत
अधिकारियों के मुताबिक, अभी नोएडा-गाजियाबाद के ऐसे लोग जो दूसरे राज्यों से दिल्ली की ओर आते हैं और पहले उतरना चाहते हैं तो वह गाजियाबाद स्टेशन का उपयोग करते हैं। इसी कड़ी में अगर मेट्रो का विस्तार होता है और जेवर एयरपोर्ट की कड़ी जुड़ती है तो बोड़ाकी रेलवे स्टेशन को अहमियत मिलेगी। यहां लंबी दूरी की ट्रेनें रुकेंगी। यहां उतरकर यात्री मेट्रो के माध्यम से नोएडा, ग्रेटर नोएडा जा सकते हैं, जो कि अभी पूरी तरह से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर निर्भर हैं। यही नहीं बोड़ाकी रेलवे स्टेशन को अहमियत देने से गाजियाबाद स्टेशन का बोझ भी घटेगा। यहां लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रोकने के लिए चली आ रही मांग भी पूरी हो जाएगी।
बिछ जाएगा एक्वा लाइन का जाल
अगर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक मेट्रो की लाइन पहुंचती है तो एक प्रकार से नोएडा-ग्रेटर नोएडा में एक्वा लाइन का जाल बिछ जाएगा। यहां पहले से ही 29.5 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बन चुका है। इसके अलावा नोएडा सेक्टर-71 से नॉलेज पार्क-5 मेट्रो का काम दो चरण में पूरा करने के लिए कैबिनेट से अनुमति मिल चुकी है। पहले चरण के तहत सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-2 तक के काम के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। आगामी दो से तीन माह में यहां सिविल का काम भी शुरू हो जाएगा। वहीं, ग्रेटर नोएडा के मेट्रो डिपो से बोड़ाकी और अब ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक इस लाइन को ले जाने की कोशिश हो रही है।
मेट्रो से कई गांवों को मिलेगा लाभ
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक मेट्रो की लाइन जाने से वहां के करीब 10 से 15 गांवों के लोगों को मेट्रो का लाभ मिलेगा। यही नहीं यहां से लाखों की संख्या में लोगों को दिल्ली-एनसीआर के कोने-कोने से कनेक्टिविटी मिल पाएगी। सड़क मार्ग से आकर लोग मेट्रो के सहारे दिल्ली-एनसीआर में कहीं भी आवाजाही कर सकेंगे।
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एक्वा लाइन का विस्तार ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे व हाइवे तक के लिए योजना तैयार की जा रही है। इसकी संभावनाओं की तलाश के लिए डीएमआरसी को पत्र लिखा गया है। मेट्रो के डिपो स्टेशन से 4.5 किलोमीटर लंबी लाइन होगी। - पीडी उपाध्याय, कार्यकारी निदेशक, एनएमआरसी
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