उपराज्यपाल ने दी मंजूरी, छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयों को मिली बड़ी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में हजारों छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयों को राहत देते हुए उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने औद्योगिक भूखंडों को लीज होल्ड से फ्री होल्ड में बदलने की मंजूरी दी है। इन इकाइयों को 1998 की पुनर्वास योजना के तहत दिल्ली राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (डीएसआईआईडीसी) ने आवंटित किया था।
औद्योगिक भूखंडों के लिए कनवर्जन स्कीम-2005 के विस्तार की अनुमति देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि 2000-2001 में लीज होल्ड के आधार पर आवंटित किए गए भूखंड 23 साल बीतने के बाद भी बिक्री व खरीद और हस्तांतरण के लिए प्रतिबंधित थे। इन्हें राहत मिलेगी। योजना के तहत अब तक विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में लीज होल्ड आधार पर कुल 21759 भूखंड आवंटित किए गए हैं। सुविधाओं के अभाव में यहां व्यापारी परेशान थे और लगातार इसे लेकर मांग कर रहे थे। उपराज्यपाल को बताया गया था कि बवाना और नरेला औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक भूखंडों के विकास में प्रगति हुई है, लेकिन उपराज्यपाल के दौरे के बाद पता चला कि डीएसआईआईडीसी भोरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में पर्याप्त और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने में नाकाम रहा। मूल आवंटियों को नॉन कंफर्मिंग एरिया से स्थानांतरित होने, निर्माण पूरा करने व इन औद्योगिक भूखंडों को उपयोग में लाने के लिए प्रोत्साहित करने की दृष्टि से उपराज्यपाल ने शर्तों के साथ सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी।