बेलरायां। भारत-नेपाल सीमा से सटी आंबेडकर ग्राम पंचायत बेलापरसुआ में कोतवाली बनाने की मंजूरी मिल गई है। इस पर आदिवासियों ने खुशी जाहिर की।
चीनी मिल की कैंटीन के उद्घाटन में एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि सीमा से लगी ग्राम पंचायत बेलापरसुआ के ग्रामीणों को विवादों का निस्तारण कराने के लिए दुधवा जंगल के 15 किलोमीटर कच्चे रास्तों से गुजरकर चंदनचौकी कोतवाली जाना पड़ता है। रास्ते में जंगली जानवरों से खतरा रहता है। पुलिसकर्मियों को भी आवाजाही में दिक्कत होती है। बरसात में जंगल के रास्ते में जलभराव होने पर ग्रामीणों का चंदनचौकी से आवागमन भी बंद हो जाता है।
शासन ने ग्रामीणों की मंशा के अनुसार ग्राम पंचायत बेलापरसुआ में कोतवाली बनवाने की मंजूरी दी है। इसके लिए भूमि चिह्नित करने की कवायद शुरू हो गई है। एसपी ने बताया कि सीमांत ग्राम पंचायत में कोतवाली बनने से पुलिस की कड़ी चौकसी हमेशा बनी रहेगी। ग्रामीणों को भी चंदनचौकी नहीं जाना पड़ेगा।
कार्यक्रम में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी संकल्प शर्मा, एसडीएम निघासन राजीव निगम, जीएम राजेश कुमार, मिल उपाध्यक्ष सुच्चा सिंह, सुरेश कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद