फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: एओए व आरडब्ल्यूए ने नहीं दी लावारिस व पालतू कुत्तों की जानकारी, प्राधिकरण कराएगा सर्वे

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो: -
विज्ञापन

-प्राधिकरण ने तीन माह पहले डॉग पॉलिसी लागू होने के बाद मांगा था सभी से ब्योरा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। एओए व आरडब्ल्यूए ने सोसाइटियों और सेक्टरों में लावारिस व पालतू कुत्तों की जानकारी प्राधिकरण से साझा नहीं कर रहे हैं। तीन महीने पहले ग्रेनो प्राधिकरण ने शहर की एओए व आरडब्ल्यूए से जानकारी मांगी थी। अब दोबारा पत्र भेजने के साथ सर्वे कराने पर भी विचार कर रहा है।

प्राधिकरण ने मई माह के पहले सप्ताह में कुछ बदलाव के साथ डॉग पॉलिसी का विस्तृत आदेश जारी किया था जिसमें फीडिंग प्वॉइंट से लेकर पंजीकरण आदि की पूरी जानकारी थी। सभी को सोसाइटी का नाम, पता, क्षेत्रफल के अलावा लावारिस व पालतू कुत्ते व बिल्लियों की संख्या, फीडिंग प्वॉइंट की संख्या, टीकाकरण व पंजीकरण की जानकारी देने का आदेश दिया था। ये जानकारियां महीनेभर में उपलब्ध करनी थीं। दरअसल, प्राधिकरण डाटा तैयार करना चाहता है ताकि जरूरत पड़ने पर योजना बनाई जा सके।
विज्ञापन



पंजीकरण व फीडिंग प्वॉइंट तय करने में भी लापरवाही
डॉग पॉलिसी के तहत सभी पालतू कुत्तों व बिल्लियों का पंजीकरण कराना जरूरी है लेकिन अभी बेहद कम पंजीकरण हुए हैं। सभी जगह फीडिंग प्वॉइंट निर्धारित करने थे जो एओए व फीडर्स मिलकर कर सकते हैं। सहमति नहीं बनती है तो फिर सात सदस्य समिति तय करेगी।

एओए बोली- हमें तो पत्र ही नहीं मिला

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से कोई पत्र नहीं मिला। जब पशु की जानकारी से संबंधित पत्र मिलेगा तो कुत्ते, बिल्ली की संख्या बता दी जाएगी। -हरी शंकर नायर, एओए अध्यक्ष, ऐस एस्पायर सोसाइटी
विज्ञापन

प्राधिकरण से कोई पत्र नहीं मिला है। यदि कोई पत्र मिलता है तो जानकारी साझा कर दी जाएगी। -नितिन, सचिव एओए, ऐस सिटी सोसाइटी
-
वर्जन

सोसाइटी प्रबंधन, एओए व आरडब्ल्यूए से लावारिस व पालतू कुत्तों का ब्योरा मांगा गया था, लेकिन किसी ने भी जानकारी नहीं दी है। प्राधिकरण स्तर से ही सर्वे कराकर संख्या का पता लगाया जाएगा। साथ ही एओए व आरडब्ल्यूए को भी पत्र लिखा जाएगा। - आरके भारती, महाप्रबंधक (स्वास्थ्य) ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें