सपा से त्यागपत्र देने वाले अनिल यादव।
नोएडा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे अनिल यादव ने सपा के साथ अपने सफर को समाप्त करने की घोषणा कर दी है। कांग्रेस नेता पत्नी पंखुड़ी यादव से सोशल मीडिया पर कुछ सपा नेता की ओर से की गई अभद्रता से आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया है।
अखिलेश को भेजे त्यागपत्र में अनिल ने लिखा है कि जिस पार्टी से अब हम घर की महिलाओं के सम्मान की अपेक्षा नहीं कर सकते, उससे सर्व समाज के सम्मान व उत्थान की क्या उम्मीद रखें। उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए पूछा है कि क्या सपा इतनी कमजोर है कि एक फोटो से पार्टी का अस्तित्व खतरे में आ गया और महिला को इस तरह से सोशल मीडिया पर गालियां दी गईं। अनिल ने स्पष्ट कहा कि कोई भी पार्टी परिवार से बड़ी नहीं होती, इसलिए समाजवादी पार्टी के साथ उनका सफर अब समाप्त होता है। किसी अन्य दल में शामिल होने के सवाल पर अनिल ने बताया कि उनके सामने कांग्रेस और भाजपा दोनों के ही विकल्प हैं, लेकिन हकीकत यह है सपा में उन्होंने इतना लंबा समय दिया है कि जल्दबाजी में किसी पार्टी में शामिल होने का मन तय नहीं कर पा रहे हैं। पंखुड़ी को कांग्रेस ने फिलहाल उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि सपा की साइकिल से उतरने के बाद अनिल अब कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं।
अभद्रता करने वालों पर पार्टी ने नहीं की कार्रवाई
नोएडा में सपा छात्र सभा से राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले अनिल ने बताया कि सपा में उन्होंने दस साल दिए हैं। वह पूरी तरह से पार्टी के लिए समर्पित रहे हैं। पार्टी ने भी काबिलियत को देखते हुए महानगर अध्यक्ष, युवजन सभा में प्रदेश सचिव और फिर राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी। पिछले दिनों कांग्रेस ने एक फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर किया था। अपने कार्यकर्ता की इस पोस्ट को उनकी पत्नी पंखुड़ी ने भी शेयर किया। यहीं से कुछ सपाई पत्नी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्रता करने लगे। हद तो तब हो गई जब अभद्रता करने वालों के खिलाफ पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा उन पर ही पत्नी को समझाने का दबाव बनाया जाने लगा। उन्हें पार्टी के ग्रुप से भी निकाल दिया गया। इसका क्या इशारा है, वह अच्छे से समझते हैं।
कांग्रेस नेता पंखुड़ी।