गाजियाबाद। विजयनगर थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा सवार शांति देवी (80) को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेसुध किया और लाखों रुपये की कीमत के गहने लूट लिए। बेहोशी की हालत में वृद्धा को एक पार्क में डालकर आरोपी ई-रिक्शा सवार चालक और महिला भाग गए। पीड़ित ने घटना 11 अक्तूबर की बताई है। जबकि विजयनगर थाना पुलिस ने 14 दिन बाद टप्पेबाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि लूटपाट की घटना की बाबत थाना प्रभारी अनभिज्ञता जताते रहे।
विजयनगर के सेक्टर-नौ में रहने वाले विवेक त्यागी ने बताया कि उनकी दादी शांति देवी सम्राट चौक से बाजार जाने के लिए 11 अक्तूबर 2025 की सुबह करीब 11 बजे एक ई-रिक्शा में सवार हुई। ई-रिक्शा में चालक और एक महिला पूर्व से ही सवार थे। थोड़ी दूर चलने पर ई-रिक्शा में सवार महिला ने उनकी दादी को नशीला पदार्थ सुंघा दिया। इससे उनकी दादी बेहोश हो गईं। ई-रिक्शा चालक और महिला ने उनकी दादी के हाथों से सोने के चार कंगन, कानों के कुंडल और दो अंगूठी लूट ली। लूटपाट को अंजाम देकर आरोपियों ने उनकी दादी को मोहननगर रोड स्थित एक पार्क में फेंक दिया और भाग गए। होश आने के बाद दादी ने अपने हाथ और कान के गहने गायब देखे तो सदमे में फिर से बेहोश हो गईं। खोजबीन कर रहे परिवार को शांति देवी नौ घंटे बाद बेहोशी की हालत में मिली। उधर, विजयनगर थाना प्रभारी का कहना है कि लूटपाट वारदात की उन्हें जानकारी नहीं है और उनके क्षेत्र में कोई लूटपाट नहीं हुई है। जब उन्हें उन्हीं के थाने की एफआईआर दिखाई गई तो बोले की मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि ई एफआईआर दर्ज की गई है मामले की जांच की जा रही है।