जेवर। इलाज के दौरान महिला की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए परिजनों ने दो घंटे तक जेवर चौराहे को जाम कर दिया। रास्ता बंद करने एवं एंबुलेंस को रास्ता नहीं देने के आरोप में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। कस्बा चौकी इंचार्ज की शिकायत पर पुलिस ने 26 नामजद समेत 50 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कस्बा चौकी इंचार्ज छविराम सिंह ने बताया कि मोहल्ला वैश्य खटीक निवासी शिवकुमार, अंकित, तस्वीर, नरेश, जितेंद्र, भूरा, गोविंदा, आकाश, आर्यन ,राजेश, विक्की, तुषार, आकाश समेत 26 नामजद वह 20-25 अज्ञात महिला और पुरुष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि बुधवार सुबह लगभग 11:30 बजे सभी लोग इकट्ठा होकर जेवर चौराहे पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। लोगों की इस भीड़ ने डस्टबिन को चौराहे पर लाकर उनमें से कूड़ा कचरा सड़क पर फेंक दिया। जिससे लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया। वही जाम के दौरान एंबुलेंस तक को भी रास्ता नहीं दिए जाने से लोगों की जान पर बन आई कस्बा चौकी इंचार्ज की शिकायत पर सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अहम है कि कुछ दिनों पहले जेवर के मोहल्ला वैश्य खटीक निवासी विनोद वाल्मीकि की बेटी राखी (30) की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। राखी के भाई जितेंद्र ने अवैध क्लीनिक संचालक सहित सात लोगों पर गलत इंजेक्शन लगने का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने आरोपी चिकित्सक और एक सहायक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है हालांकि पुलिस की कार्रवाई से परिजन संतुष्ट नहीं थे। वह अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।