सम्राट मिहिर भोज के आगे गुर्जर शब्द नहीं लिखने का विवाद क्षेत्र के गांवों तक पहुंच गया है। सोमवार को अमरपुर गांव में गुर्जर समाज के लोगों ने गांव के मुख्य मार्ग पर सम्राट मिहिर भोज का बोर्ड लगाकर चौराहे का नामकरण कर दिया। वहीं, ग्रामीणों ने गांव में भाजपा नेताओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाने का भी एलान किया।
ग्रामीण शीशराम नागर और गौरव नागर ने कहा कि अब गुर्जरों के प्रत्येक गांव के मार्ग और चौराहे बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे पहले कनारसी गांव के ग्रामीणों ने भी इसी तरह बोर्ड लगाकर भाजपा नेताओं के प्रवेश पर रोक लगाई थी। ग्रामीणों ने कहा कि भाजपा नेताओं के कारण समाज का अपमान हुआ है।
इसलिए वह अब गांव में नेताओं को घुसने नहीं देंगे। इस मौके पर रविंद्र प्रधान, ओमवीर बीडीसी, सतवीर नागर, प्रेमचंद, ओमकार नागर, संदीप नागर, सुमित नागर, ज्ञानचंद नागर, लीले सिंह, भगवत सिंह, महावीर हवलदार, पिंटू और ओमेंद्र नागर समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
दो अक्तूबर को होगी बैठक, 151 सदस्यों की बनी समिति
राष्ट्रीय गुर्जर स्वाभिमान समिति के राजकुमार भाटी ने बताया कि दो अक्तूबर को सुबह 10 बजे परी चौक के पास स्थित गुर्जर शोध संस्थान में समिति के 151 सदस्यीय समिति की बैठक होगी। समिति के अध्यक्ष चौ. अंतराम तंवर बनाए गए हैं। पहले 51 सदस्यों की समिति बनाई गई थी लेकिन राजस्थान, हरियाणा आदि अन्य राज्यों के लोग भी शामिल होने के कारण अब समिति के सदस्यों की संख्या 151 हो गई है। बैठक में आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
सम्राट की प्रतिमा के आगे रातों-रात लिखा गुर्जर
इधर इस प्रकरण में एक नया मोड़ भी आ गया है। खबर है कि कुछ भाजपाइयों ने सोमवार रात को चुपचाप प्रतिमा पर लगे शिलापट पर सम्राट मिहिर भोज के आगे गुर्जर शब्द लिखवा दिया, लेकिन गुर्जर समाज के लोग इससे संतुष्ट नही हैं।
उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और बयान दें कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर ही थे। आंदोलन का संचालन करने के लिए बनाई गई 151 सदस्यीय राष्ट्रीय गुर्जर स्वाभिमान समिति के सदस्य राजकुमार भाटी ने कहा कि दो अक्तूबर को ग्रेटर नोएडा में होने वाली बैठक में तय किया जायेगा कि समाज आगे क्या रणनीति बनाएगा।
समाज के लोगों से एकता बनाए रखने की अपील
राजकुमार भाटी ने मीडिया को बयान जारी कर समाज के लोगों से अपील की है कि वे अलग अलग बयान जारी न करें। इससे समाज की एकता को क्षति होती है। सभी साथी समिति के निर्णय का इंतजार करें और समिति द्वारा लिये गये निर्णय का पालन करें। इस समिति में राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड व यूपी समेत पांच प्रदेशों के 151 लोग शामिल हैं।