ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने किस्तों का भुगतान नहीं करने वाले खरीदारों के आवंटन निरस्त करने का फैसला लिया है। यह अधिकार बिल्डरों को दिया गया है। बिल्डर ब्याज प्राप्त करने के साथ आवंटन भी निरस्त कर सकता है। यूपी रेरा ने यह नियम केवल उन प्रोजेक्ट पर लागू किया है, जिनका पंजीकरण रद्द कर दिया गया है या फिर पंजीकरण समाप्त हो चुका है और यूपी रेरा की निगरानी में उन्हें पूरा किया जा रहा है।
यूपी रेरा अभी तक 50 से अधिक प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द कर चुका है, जबकि काफी पंजीकरण समाप्त हो चुका है। यूपी रेरा की धारा-आठ के तहत 12 प्रोजेक्टों को पूरा कराने का काम चल रहा है। यूपी रेरा की निगरानी में बिल्डर और खरीदार निर्माण पूरा करा रहे हैं, लेकिन यहां पर काफी खरीदार पैसा जमा नहीं कर रहे हैं। किस्त नहीं आने से प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा करने में दिक्कत आ रही है। इन प्रोजेक्टों के प्रमोटर और खरीदारों ने यूपी रेरा को सलाह दी है कि पैसा नहीं देने वाले खरीदारों से ब्याज वसूला जाएगा या उनका आवंटन निरस्त करने की मांग की है। इस पर यूपी रेरा ने ब्याज वसूलने और आवंटन निरस्त करने का अधिकार बिल्डर को दे दिया है। वर्तमान में यूपी रेरा की ओर से अधिनियम की धारा-6,7,8 व 37 के प्रावधानों के तहत गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में संपदा लिविया, नाइट कोर्ट, कैलिप्सो कोर्ट, एप्पल 7, नोविना ग्रींस, यूनीबेरा, ला-कासा अंसल एक्वापोलिस, कासा ग्रैंड, ला-पैलेसिया, ला-गैलेक्सिया, स्प्रिंग व्यू हाइट्स और लखनऊ में प्लूमेरिया होम्स परियोजनाओं का पुनर्निर्माण किया जा रहा है।
ऐसे होगी पैसे नहीं देने वाले खरीदारों पर कार्रवाई
1. जिन प्रोजेक्ट में बाकी किस्तों का भुगतान नहीं होने से निर्माण कार्य रुका हुआ है। वहां पर बिल्डर या खरीदारों का समूह उन खरीदारों को नोटिस जारी करेगा। खरीदारों को निर्धारित समयावधि में किस्तों के भुगतान न होने की स्थिति में भू-संपदा नियमावली 2018 के नियम 9.3 (द्व) के तहत शेष किस्त की धनराशि पर एसबीआई की तय एमसीएलआर ब्याज दर पर ब्याज का भुगतान करना होगा।
2. जिन खरीदारों ने लगातार दो किस्तों का भुगतान नहीं किया है, उन्हें एमसीएलआर की दर से ब्याज सहित अवेशष किस्त का एक माह के अंदर भुगतान करने का नोटिस भेजा जाएगा। अगर संबंधित खरीदार बाकी दो किस्तों के साथ तीसरी किस्त का भुगतान भी समय से नहीं करेगा तो उसका आवंटन निरस्त हो जाएगा।
3. नोटिस में यह भी स्पष्ट होगा कि आवंटन निरस्त करने के बाद बुकिंग धनराशि व ब्याज संबंधी देनदारियों की कटौती करने के बाद जमा की गई मूल धनराशि, इकाई के पुन: विक्रय होने या परियोजना के पूरा होने (जो भी पहले हो) के बाद आवंटी को वापस की जाएगी।