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खाद की कालाबाजारी का आरोप

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नूंह। किसानों के हितों के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार मंचों के माध्यम से बड़े-बड़े दावे करती है। सर्दी के मौसम में आज जिले के किसानों खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं। बरसात होने के बाद किसानों को फसलों में खाद की जरूरत है लेकिन उन्हें आज भी पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रहा है। खरीफ के सीजन के बाद रबी की फसलों के लिए भी किसानों को खाद मंहगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। जिले में आज भी बड़े पैमाने पर खाद की कालाबाजारी की जा रही है।
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किसान जाकिर, मुश्ताक, नसरू, उमर मोहम्मद, मोहम्मद हनीफ निवासी गांव खोरी, अय्यूब ठेकेदार मेवली, हाजी अली मोहम्मद निवासी गांव खेड़ला ने बताया कि आज भी उनको 267 रुपये में बेचे जाने वाली खाद 450 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। नूंह, रानीका, मेवली, उजीना, इंडरी के अलावा तावडू व अन्य जगहों पर खाद की बड़े स्तर पर कालाबाजारी की जा रही है। किसानों से मनचाहे दाम वसूले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनको खाद की आपूर्ति कराने में पूरी तरह से नाकाम है सर्दी में लोगों को अपने घर पर होना चाहिए लेकिन लोग लंबी लाइनों में लगने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसान हितैषी होने पर सिर्फ ढोंग कर रही है। उनकी समस्या से उनको कोई लेनादेना नहीं है। बार बार संबंधित विभाग के समक्ष गिड़गिड़ाने के बाद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। खाद केंद्रों पर लगने वाली लंबी लाइन इसका प्रमाण है। इससे पूर्व उनको कभी परेशानी नहीं आई अब फसलों में खाद की अधिक जरूरत है लेकिन खाद कालाबाजारी की भेंट चढ़ा हुआ है। किसानों तक पहुंचते-पहुंचते खाद 450 रुपये तक का हो रहा है। उन्होंने इस मामले में उपायुक्त शक्ति सिंह से उचित कार्रवाई की मांग की।
कई खाद विक्रेताओं पर मुकदमा दर्ज
इस सीजन के प्रारंभ में जिला उपायुक्त शक्ति सिंह की सख्ती के बाद कई खाद विक्रेताओं पर मुकदमे दर्ज कराने के साथ ब्लैक में खाद को खुर्द बुर्द करते पकड़ा है। इसके बावजूद खाद विक्रेता अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। लोगों ने मांग की प्रशासन इस मामले में जल्द संज्ञान लें।
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जिले को मिला साढ़े तेरह हजार मीट्रिक टन खाद
नूंह जिले को अभी तक साढ़े तेरह हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद की आपूर्ति की गई है। जिले की कुल जरूरत 19 हजार मीट्रिक टन खाद की है ऐसे में अभी और खाद की जरूरत है। हालांकि मुख्य खाद केंद्रों पर आपूर्ति कराई जा रही है लेकिन कालाबाजारी के चलते किसानों की पूरी तरह से आपूर्ति नहीं हो रही है। कृषि विभाग के एसडीओ डा.ॅ अजीत सिंह ने कहा कि इस बारे में जानकारी ली जाएगी। इसके बाद किसानों को खाद मुहैया कराया जाएगा।
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