माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फर्जी दस्तावेज बनाकर कंपनी की जमीन हड़पने का मामला सामन आया है। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू की है। पहले मामले में करनाल हरियाणा निवासी पवन कुमार डीपीएल फर्म्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर है। उनका कहना है कि करतार सिंह अनेजा से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। बावजूद इसके उनके नाम से एक फर्जी मुख्तारनामा तैयार किया गया।
इस दस्तावेज को 21 मार्च 2024 को सब रजिस्ट्रार सदर ग्रेटर नोएडा कार्यालय में पंजीकृत दिखाया गया। फर्जी दस्तावेज के आधार पर करतार सिंह अनेजा ने अपनी फर्म एसके फर्म के नाम 9 अक्तूबर-2024 को पीड़ित की भूमि को बेच दिया। पवन कुमार का आरोप है कि यह बैनामा जानबूझकर धोखाधड़ी से कराया। इसमें करतार सिंह अनेजा के साथ उनके पुत्र हृदयपाल सिंह, सहयोगी रामबली और वीणा गुणयानी भी शामिल रहे। इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज का प्रयोग करते हुए संपत्ति हड़पी। अब इस बैनामे को असली बताकर एआरओ कलेक्ट्रेट कोर्ट गौतमबुद्धनगर में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में लगाया गया है।
वहीं दूसरे मामले में करनाल (हरियाणा) निवासी कमल दत्ता का कहना है कि उनकी कंपनी गांव नंगली नंगला की जमीन की मालिक है। आरोप है कि सुखपाल और सहयोगियों ने मालिक न होते हुए भी भूमि का फर्जी बैनामा 7 अक्टूबर 2024 को अम्मुकुटटी बालासुबामनिअन के नाम पंजीकृत करा दिया। इस बैनामे में संजय और हरकेश गवाह बने। 24 जून 2024 को इस भूमि पर स्टे था। 12 जनवरी को आरोपी जबरन कब्जे की नीयत से भूमि पर पहुंचे और बैनामे की फोटो कॉपी दिखाकर जमीन पर अधिकार जताने लगे। जब पीड़ित 19 मई 2025 को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय ग्रेटर नोएडा में बैनामे की नकल लेने जा रहे थे। तभी रास्ते में सुखपाल, अम्मुकुटटी, संजय, हरकेश व 3-4 अज्ञात लोग उन्हें उठाकर एक अर्धनिर्मित मकान में ले गए। वहां कोरे कागजात हस्ताक्षर और अंगूठा लगवाने की कोशिश की गई। सूरजपुर कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि केस दर्ज कर जांच शुरू की है।