ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव में मृत मिले चारों लोगों की जीभ निकली थी। उनके शरीर पर फफोले थे। परिजनों को हत्या का शक है। परिवार का कहना है कि अधिकारियों से जांच की मांग करेंगे।
ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव में एक कमरे में मृत मिले सगे भाई चंद्रेश व राजेश और चंद्रेश की पत्नी निशा व बहन बबली के शवों की जीभ बाहर निकली हुई थी। सभी के शरीर पर फफोले भी पड़े हुए थे। दरवाजे में नीचे से हवा जाने की भी जगह थी। ऐसे में परिजनों ने चारों की हत्या की आशंका जताई है।
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उनका कहना है कि वे बुधवार को पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर जांच की मांग करेंगे। पुलिस दम घुटने से ही चारों की मौत का दावा कर रही है। ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के गांव तुस्याना निवासी लकीराम के मकान में हाथरस के सराय सिकंदराऊ निवासी परिवार के चार लोग रह रहे थे।
चंद्रेश और राजेश रेहड़ी पर पराठे बेचते थे। शुक्रवार शाम लगभग छह बजे पड़ोसी ने चारों के कमरे से दुर्गंध आने की जानकारी मकान मालिक को दी थी। पुलिस का कहना है कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर शवों को बाहर निकाला गया।
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कमरे में रसोई गैस के चूल्हे पर बड़े बर्तन में आलू रखे हुए थे, जो जलकर गए थे। किसी सदस्य ने पराठे बनाने के लिए आलू उबालने के लिए रखे थे जिसके बाद वह सो गया। कमरा काफी छोटा है और खिड़की पर गत्ता लगा था। इससे हवा निकलने का कोई रास्ता नहीं था। इससे कमरे में जहरीली गैस बन गई और दम घुटने से चारों की मौत हो गई।
चारों की दम घुटने से मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी इसकी पुष्टि हो गई थी। परिजनों ने अभी पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है। परिजन आते हैं तो उन्हें फिर से पूरी जानकारी दी जाएगी। - सुमित शुक्ला, एसीपी
परिजन बोले, दरवाजे के नीचे से है हवा जाने का रास्ता
परिजनों ने अमर उजाला संवाददाता को फोन कर बताया कि जिस कमरे में चारों रह रहे थे। उसके दरवाजे के नीचे से हवा जाने का रास्ता है। इसके अलावा किसी ने बताया है कि दरवाजा टूटा हुआ भी नहीं दिख रहा, जबकि पुलिस ने दरवाजा अंदर से बंद होने व तोड़ने की बात कही है।
छोटे से कमरे में मिले थे चार शव
दरअसल, ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव में एक फरवरी को एक ही परिवार के चार लोगों की दम घुटने से मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने गहनता से घटनास्थल की पड़ताल की। पुलिस टीम ने मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई। जांच में पता चला है कि जिस कमरे में शव मिले वह दस बाई दस फीट का था।
कमरे में केवल एक छोटी खिड़की थी। जिसे बुधवार रात सोने से पहले सर्दी से बचने के लिए गत्ता लगाकर बंद कर दिया गया था। आशंका है कि इसी वजह से कमरे में बनी जहरीली गैस बाहर नहीं निकल पाई। अंदर दम घुटने से चारों की मौत हो गई।
पूछताछ में पता चला है कि चंद्रेश और राजेश परांठे बेचने का काम करते थे। इसके लिए परिजन रोजाना आलू उबालते थे। आशंका जताई जा रही है कि गैस पर मिले पतीले में आलू उबालने के लिए रखकर परिवार का सदस्य फिर से सोने की वजह से देर गैस तक जलती रही।
जिससे छोटे बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इससे दम घुटने से चारों की मौत हो गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो चारों शव नीचे बिस्तर पर पड़े थे। कमरे में कोई खाट नहीं थी। दोनों भाई, उनकी बहन बबली और चंद्रेश की पत्नी निशा सब नीचे बिस्तर बिछाकर सो रहे थे।