भिवानी। जमीन के लालच में कैसे अपने ही जान के दुश्मन बन जाते हैं यह ईशरवाल गांव में वीरवार रात अंजाम दी गई सनसनीखेज वारदात ने साबित कर दिया। चाचा दलबीर को सड़क किनारे मिली जमीन बेशकीमती होने की वजह से भतीजे व उनके बेटे रंजिश रखे हुए थे। शुक्रवार सुबह जैसे ही इस घटना की जानकारी गांव वालों को मिली सनसनी फैल गई। दोपहर बाद पोस्टमार्टम करवाकर सुनीता का शव गांव लाया गया और अंतिम संस्कार कर दिया। दलबीर का इकलौता बेटा अंकित व उनकी पत्नी बीएएमएस डॉक्टर हैं और बहादुरगढ़ के निजी अस्पताल में कार्यरत है। मां की हत्या की सूचना मिलते ही अंकित सुबह गांव पहुंचा। घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद पिता को देखने हिसार गया। मां का शव दोपहर बाद घर लाया गया तो वह फूट-फूटकर रोने लगा। पड़ोसियों ने ढांढस बंधाया। दलबीर की बहन सावित्री ने बताया कि बड़े भाई धर्मबीर उनकी पत्नी और छोटे भाई मांगेराम व भाभी की मौत हो चुकी है। धर्मबीर के बेटे दलबीर की जमीन हड़पना चाह रहे थे और इसी रंजिश में उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। रात करीब 11 बजे हमलावर घर में घुसे और भाई दलबीर और भाभी सुनीता पर लोहे के रुंबे और लाठियों से वार किए। दलबीर को घर के बाहर घसीटकर पीटा गया।
पड़ोसी मौके पर पहुंचे और अस्पताल ले गए
सावित्री ने बताया कि उसने चिल्लाकर मदद की गुहार लगाई तो पड़ोसी मौके पर पहुंचे। तब तक हमलावर भाग गए थे। दलबीर और सुनीता को तोशाम ले जाया गया।
घर के अंदर फैला खून, एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
सूचना मिलने पर तोशाम पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम ने घर में बिखरे खून के सैंपल लिए। वारदात में इस्तेमाल किया गया खून से सना रुंबा और लाठी बरामद कर ली गई। पुलिस ने चंद्रहंस, सोमबीर, सोमबीर के बेटे अमन, सोमबीर की पत्नी संतोष, चंद्रहंस के बेटे रवींद्र, मुकेश सहित अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।