नोएडा। खेतान स्कूल में सोमवार को 13 बच्चों में संक्रमण की बात सामने आने के बाद मंगलवार को जिले में अलग-अलग स्कूलों में पढ़ने वाले आठ बच्चों में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में कोरोना के 20 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से आठ मरीजों की आयु 18 वर्ष से कम है।
अभिभावकों ने दिल्ली पब्ल्कि स्कूल (डीपीएस), द मिलेनियम, जेबीएम स्कूल, श्रीराम मिलेनियम और समरविल के बच्चों में संक्रमण की बात कही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग व स्कूल इस तरह की जानकारी होने से इनकार कर रहे हैं। सिर्फ डीपीएस ने दो मामलों की पुष्टि की है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संक्रमित पाए गए सभी बच्चों की स्थिति सामान्य है। किसी में फिलहाल गंभीर लक्षण सामने नहीं आए हैं। सभी का इलाज किया जा रहा है।
सेक्टर-30 स्थित डीपीएस में कक्षा 10 व कक्षा 8 के बच्चे को कोरोना हुआ है। इन दोनों कक्षाओं में सामान्य रूप से पढ़ाई बंद करके ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। स्कूल की अन्य कक्षाएं जारी रहेंगी, लेकिन अभिभावक इन्हें भी बंद करने की मांग कर रहे हैं। मामले में स्वास्थ्य विभाग व निजी स्कूलों पर जानकारी छुपाने संबंधी आरोप भी अभिभावक लगा रहे हैं। कई सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा किया गया कि नए मिले संक्रमित डीपीएस, सेक्टर-22 समरविल, सेक्टर-119 द मिलेनियम स्कूल व सेक्टर-135 श्रीराम मिलेनियम स्कूल, सेक्टर-132 जेबीएम स्कूल से हैं। श्रीराम मिलेनियम व जेबीएम ने किसी मामले से इनकार किया है। वहीं, द मिलेनियम के एडमिन विशुद्ध मिश्रा ने बताया कि उनके यहां किसी बच्चे के संक्रमित होने की कोई घटना अभी तक स्कूल प्रबंधन के संज्ञान में नहीं है।
जब जानकारी नहीं तो कैसे होगा बचाव
सीएमओ डॉ. सुनील शर्मा व कोविड मामलों का कार्यभार देख रहे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. मनोज कुशवाहा ने बताया कि बच्चों में कोविड के नए मामले सामने आए हैं। यह मामले कौन-कौन से स्कूल से हैं यह जानकारी नहीं है। वहीं, इस मामले में जिला प्रशासन से संपर्क करने पर इसे स्वास्थ्य विभाग का मामला बताकर टाला जा रहा है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कड़े कदम कौन उठाएगा यह बड़ा सवाल है।
अभिभावक बोले-बंद हों सामान्य कक्षाएं
गौतमबुद्ध नगर अभिभावक संघ के संस्थापक मनोज कटारिया का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को पहली प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि ऑनलाइन कक्षाएं एक सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं तो सुरक्षा को ताक पर रखकर स्कूल खोलने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही, जिन स्कूलों में बच्चे संक्रमित हैं, उनकी सही जानकारी साझा की जानी चाहिए। ऑल इंडिया अभिभावक एसोसिएशन के यतेंद्र कसाना का कहना है कि कोविड संबंधी सही जानकारी स्कूलों की स्थिति अभिभावकों को पता होनी चाहिए। साथ ही, सुरक्षा के और बेहतर उपाय किए जाने चाहिए। स्कूलों में सामाजिक दूरी, सैनिटाइजेशन कैसे सुनिश्चित होगा यह बड़ा सवाल है। बच्चों के स्वास्थ्य पर लापरवाही नहीं दिखाई जानी चाहिए। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने स्कूल बंद करने की मांग उठाई है।