-एनसीआर नहीं, केवल एनसीटी की लड़कियां ही ले सकती हैं दाखिला
-डीयू की ओर से दाखिला संबंधी जानकारी देने को आयोजित किया गया वेबिनार
-केवल बारहवीं के अंकों के आधार पर तैयार मेरिट से होता है दाखिला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉन कॉलेजिएट वूमेंस एजुकेशन बोर्ड(एनसीवेब) के 26 कॉलेजों (सेंटर) में दाखिला हो जाने के बाद छात्राओं को सेंटर बदलने की अनुमति नहीं मिलेगी। जहां दाखिला मिल जाए वहां दाखिला लेना पड़ेगा। यही नहीं, एनसीवेब में एनसीआर की नहीं, बल्कि मात्र एनसीटी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली) की लड़कियां ही दाखिला ले सकती हैं। इसके लिए उन्हें दिल्ली का कोई आवासीय पता जमा कराना होगा। यहां दाखिला केवल बारहवीं के अंकों के आधार पर तैयार कट ऑफ से होता है।
डीयू ने बुधवार को एनसीवेब की दाखिला संबंधी जानकारी देने के लिए वेबिनार आयोजित किया। इस मौके पर एनसीवेब की निदेशक प्रो. गीता भट्ट और डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र कुमार ने छात्राओं को जानकारी प्रदान कर उनके सवालों के जवाब दिए। प्रो. भट्ट ने बताया कि एनसीवेब में दाखिला कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी) के आधार पर नहीं होगा। यहां दाखिले के लिए 12वीं के अंकों के आधार पर कट ऑफ जारी की जाएगी। डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र कुमार ने एक सवाल के जवाब में बताया कि यहां केवल दिल्ली में रहने वाली लड़कियां ही दाखिला ले सकती हैं। यहां दाखिले के लिए छात्राओं के पास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के आवासीय पते का प्रूफ होना चाहिए।
मालूम हो कि अभी एनसीवेब में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। यह उन छात्राओं के लिए है जो कि नियमित कॉलेजों में दाखिला नहीं लेती और पढ़ाई के साथ-साथ कोई काम करती हैं। एनसीवेब की कक्षाएं शनिवार व रविवार को होती हैं और डिग्री भी डीयू की मिलती है। एनसीवेब में हाॅस्टल का प्रावधान नहीं है क्योंकि इसमें दिल्ली की छात्राओं को ही दाखिला मिलता है। हालांकि इस बार एनसीवेब प्रशासन डीयू की ई-लाइब्रेरी व जर्नल्स का ई एक्सेस भी छात्राओं को दिलाने का प्रयास कर रहा है।