31 मार्च के बाद सभी सरकारी सेवाएं पीपीपी से ही मिलेंगी
नूंह । राज्य सरकार ने अब परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) बनवाना अनिवार्य कर दिया है। 31 मार्च के बाद लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सिर्फ परिवार पहचान पत्र से ही मिलेगा। यह बातें जिला सचिवालय में शुक्रवार को अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने कहीं।
उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र के बिना अब पेंशन के लिए आवेदन भी नहीं कर सकेंगे। यदि कोई लाभार्थी परिवार पहचान पत्र को अपनी पेंशन के साथ लिंक नहीं कराता है तो उसे पेंशन लेने में परेशानी आ सकती है। जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन कराने के लिए भी परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। जिले में अब तक 162449 परिवारों के पहचान पत्र बन चुके हैं। हरियाणा सरकार ने 2 जनवरी 2020 में परिवार पहचान पत्र बनवाने की घोषणा की थी। जिले के विभिन्न स्थानों पर खुले कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर इसे फ्री में बनवाया जा सकता है। इस पहचान पत्र में मुखिया और उसके परिवार के सभी सदस्यों का पूर्ण विवरण दर्ज होगा।
पीपीपी में सभी दस्तावेज की होगी जानकारी
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि लोगों को अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सभी दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ेगी। केवल हरियाणा परिवार पहचान पत्र के माध्यम से ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। इस पहचान पत्र में सभी दस्तावेज की एकीकृत जानकारी होगी।