ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने डूब क्षेत्र में सक्रिय बिजली माफिया को चिह्नित कर कार्रवाई करने का फैसला लिया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने संबंधित अफसरों को यह आदेश दिया है। वहीं, खनन, सरिया, शराब और अन्य माफिया को चिह्नित कर सूची मांगी है। 15 दिन के अंदर यह सूची देनी होगी। हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में भूमाफिया के साथ बिजली माफिया भी सक्रिय हैं। वो चोरी की बिजली डूब क्षेत्र के मकानों में आपूर्ति कर रहे हैं। इसके एवज में हर घर से 500 से 1000 रुपये वसूल रहे हैं। लखनावली, कुलेसरा, जलपुरा में बड़ी संख्या में बिजली माफिया हैं। एक माफिया हर माह 20 से 25 लाख रुपये बिल वसूल रहा है।
इसमें बिजली कंपनी के अधिकारियों की भी मिलीभगत है। अमर उजाला ने 24 दिसंबर के अंक में ‘कंपनी नहीं देती कनेक्शन, फिर भी हर घर रोशन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर यह मुद्दा उठाया था। इसका संज्ञान लेकर जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स की बैठक में अफसरों को बिजली माफिया को भी चिह्नित करने का आदेश दिया है। डीएम ने तीनों एसडीएम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। इनके अलावा अन्य संबंधित विभाग को भी निर्देशित किया है। जिला आबकारी विभाग को शराब, जीएम डीआईसी को सरिया, एआरटीओ को डग्गामार और संगठित ट्रांसपोर्ट को माफिया के रूप में चिह्नित करना होगा। डीएफओ को वन जमीन पर कब्जा करने वालों को माफिया की सूची में शामिल कर रिपोर्ट देनी होगी।
प्लाटिंग और फार्म हाउस काटने वालों पर होगी एफआईआर
डूब एरिया में प्लॉटिंग और फार्म हाउस काटे जा रहे हैं। डीएम ने सहायक अभिलेख अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि इन लोगों को चिह्नित करें और उन पर एफआईआर दर्ज कराएं। इसकी रिपोर्ट जल्द देने को कहा है।