ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन 45 भूमाफिया पर एफआईआर दर्ज करना ही भूल गया। जबकि, काफी समय पहले इनको चिह्नित किया गया था। पिछले एक साल के अंदर 18 भूमाफिया को चिह्नित किया गया है। सभी पर एफआईआर दर्ज होनी थी, लेकिन इनमें 10 को छोड़ दिया गया। हालांकि, जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। जिला प्रशासन के रिकॉर्ड में अभी 130 भूमाफिया हैं। जिन्होंने 163 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। 130 में से केवल 85 पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। 45 भूमाफिया पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई है।
इनमें नोएडा प्राधिकरण के 35 और प्रशासन के दस भूमाफिया हैं। जिलाधिकारी की समीक्षा में इसका खुलासा हुआ है। वहीं, प्रशासन ने मार्च, 2021 में सात भूमाफिया को चिह्नित किया था। इनमें से तीन पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। डीएम ने सदर और दादरी तहसील प्रशासन को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नवंबर 2020 में 11 भूमाफिया को चिह्नित किया गया था। इनमें से भी सात पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। अब डीएम ने तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन, प्राधिकरण और पुलिस की मिलीभगत से भूमाफिया सक्रिय है। कार्रवाई नहीं करने के पीछे भी मिलीभगत है।
प्रशासन के रिकॉर्ड में आठ भूमाफिया लापता
जिले में कुल 130 भूमाफिया हैं। इनमें से 109 बाहर और तीन जेल में है। 10 की मौत हो चुकी है। जबकि, आठ भूमाफिया लापता है। इनका पता नहीं चल रहा है। डीएम ने इनका पता लगाने के निर्देश दिए है। वहीं, 130 भूमाफिया में से 85 पर एफआईआर दर्ज है। 85 में से 80 की चार्जशीट पूरी हो चुकी है। 31 पर गुंडा एक्ट और सात पर गैंगस्टर लगाया गया है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) डॉ. नितिन मदान ने बताया कि 15 दिन के अंदर सभी विभाग को भूमाफिया को चिह्नित कर रिपोर्ट देनी होगी। पुलिस को एफआईआर के बाद की कार्रवाई तेज करनी होगी। जिन भूमाफिया पर केस दर्ज नहीं हो सका है, उन पर जल्द केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।