बायलॉज का उल्लंघन करने वालों जारी रहेगी पर कार्रवाई
-अंसल गोल्फ लिंक के निवासियों से मिले सीईओ एनजी रवि कुमार ने किया साफ
-सीईओ ने कहा, जो आवंटी सही हैं, वे परेशान न हों, उनकी नोटिस वापस होंगी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अंसल गोल्फ लिंक में जिन लोगों ने निर्माण करने या व्यावसायिक गतिविधि करके नियमावली का उल्लंघन किया है, उनको किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। नियमों का उल्लंघन नहीं करने वालों के पास अगर नोटिस चला गया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। यह बात बृृहस्पतिवार को ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ ने अंसल गोल्फ लिंक सोसाइटी के लोगों के साथ बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि निवासियों की शिकायत पर काम करना शुरू कर दिया गया है। अवैध तरीके से पीजी-होटल का संचालन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। 88 निवासियों की ओर से भी भवन नियमावली का उल्लंघन किया गया है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अंसल गोल्फ लिंक को 1997-98 में फ्री होल्ड जमीन आवंटित हुई है। इसमें करीब 600 आवंटी हैं। इन भूखंडों पर निर्माण के लिए प्राधिकरण के नियोजन विभाग से मैप स्वीकृत किया गया है। लेकिन कई निवासियों ने इन भूखंडों पर स्वीकृत मैप के हिसाब से निर्माण नहीं करके भवन नियमावली का उल्लंघन किया है। कई आवंटी होटल-पीजी जैसी व्यावसायिक गतिविधि भी कर रहे हैं। सर्वे कराया गया तो 88 भूखंडों पर गलत निर्माण या फिर व्यावसायिक गतिविधि पाई गई। प्राधिकरण की तरफ से इन आवंटियों को नोटिस जारी किए गए। नोटिस के बाद हाल ही में प्राधिकरण ने 29 भवनों को सील कर दिया है। इसके विरोध में अंसल गोल्फ लिंक के निवासी बृहस्पतिवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से मिले। उन्होंने सीलिंग खुलवाने की मांग की है। सीईओ ने कहा कि अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधि बंद करने का शपथपत्र देने के बाद ही सील खोली जाएगी। बैठक में एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ अमनदीप डुली, एसीईओ आशुतोष द्विवेदी, जीएम नियोजन लीनू सहगल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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घर में रह रहे लोग और बड़ा दरवाजा कर दिया सील
ग्रेनो प्राधिकरण के अधिकारियों ने भवन नियमावली का उल्लंघन करने वाले निवासियों का घर सील कर दिया है। इसमें उनका बड़ा गेट बंद कर दिया है और छोटे गेट से ही आना-जाना कर रहे हैं। ऐसे निवासियों का आरोप है कि उन्होंने सेक्टर में चल रहे पीजी-हॉस्टल और होटल वालों के खिलाफ आवाज उठाई थी। मगर प्राधिकरण ने उनका धरना-प्रदर्शन प्रभावित करने के लिए उन्हीं पर कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। जबकि सोसाइटी में विकास का कोई काम नहीं किया गया है।