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Noida News: फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं करने वाले 13 बिल्डरों पर होगी कार्रवाई

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- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक में रखा गया प्रस्ताव, बकाया जमा कर रजिस्ट्री शुरू नहीं करने वाले बिल्डरों को नहीं दी रियायत
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नंबर गेम
63,000 रजिस्ट्री होनी थी
17,500 रजिस्ट्री हुईं अब तक
98 बिल्डरों ने लिया अमिताभकांत समिति का लाभ
85 ने शुरू की रजिस्ट्री
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अमिताभकांत समिति का लाभ लेने के बाद भी फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री नहीं करने वाले 13 बिल्डरों पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्रवाई करेगा। शनिवार को अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई 141वीं बोर्ड बैठक में ऐसे बिल्डरों को किसी प्रकार की राहत देने से इन्कार कर दिया गया। प्राधिकरण समिति की सिफारिशों को लागू करने के बाद बिल्डरों को दिए गए लाभ भी वापस लेगा। बोर्ड के चेयरमैन दीपक कुमार ने कहा कि जिन बिल्डरों ने रजिस्ट्री शुरू नहीं की है व प्राधिकरण का बकाया जमा नहीं किया है उन्हें अब और वक्त देने का कोई लाभ नहीं है। ऐसे बिल्डरों के खिलाफ प्राधिकरण कठोर कार्रवाई करेगा।
प्राधिकरण के बोर्ड रूम में आयोजित बैठक में सीईओ एनजी रवि कुमार ने अमिताभकांत समिति की सिफारिशों के लागू होने के बाद हुईं अब तक की रजिस्ट्री का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने बिल्डरों से समन्वय कर अब तक करीब 17,500 रजिस्ट्री कराई हैं। जबकि करीब 63 हजार रजिस्ट्री कुल होनी हैं। अटके हुए प्रोजेक्ट को पूरा कराते हुए रजिस्ट्री बायर्स की कराने के लिए बनी समिति की सिफारिशों का लाभ ग्रेटर नोएडा में 98 बिल्डर्स ने लिया था। इनमें से अभी तक 85 ने ही रजिस्ट्री शुरू की हैं। 13 बिल्डर्स ने अभी तक लाभ लेने के बाद भी जरूरी बकाया जमा कर रजिस्ट्री शुरू नहीं कराई है। इससे हजारों की खरीदार फंसे हुए हैं। आंशिक रूप से पैसा जमा कर चुके 85 बिल्डरों को भी पहले तय किए गए एक्शन प्लान के मुताबिक रजिस्ट्री तेज करने के लिए बोर्ड ने निर्देश दिए हैं।
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बोर्ड को बताया गया कि इन बिल्डरों में प्रमुख रूप से सेक्टर बीटा-2 स्थित एवीजे डेवलपर्स, सेक्टर अल्फा-1 स्थित एमएसएक्स रियलटेक, सेक्टर-16सी स्थित ज्योतिर्मय इंफ्राकॉन, सेक्टर-1 स्थित अंतरिक्ष इंजीनियरिंग और सेक्टर टेकजोन-4 स्थित एलिगेंट इंफ्राकॉन के प्रोजेक्ट शामिल हैं। यहां सबसे अधिक खरीदार फंसे हुए हैं। बोर्ड ने इन 13 बिल्डरों को प्राधिकरण बकाये की वसूली के लिए आरसी भी जारी करेगा।
जिन प्रोजेक्ट में अगले चरण में जिन संपत्तियों की बिक्री नहीं हुई या निर्माण शुरू नहीं हुआ उनकी आंशिक जमीनों पर कब्जा वापस लेने की कार्रवाई भी हो सकती है। बैठक में प्रमुख सचिव उद्योग आलोक कुमार, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, सुनील सिंह, प्रेरणा सिंह, श्रीलक्ष्मी वीएस, सुमित यादव, यीडा के एसीईओ नागेन्द्र प्रताप, नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ कृष्णा करुणेश आदि मौजूद रहे।


टूल रूम में ट्रेनिंग से युवाओं के रोजगार की खुलेगी राह
भारत सरकार की योजना के अंतर्गत ग्रेनो और आसपास के युवाओं को तकनीकी दक्षता देकर उद्योगों के हिसाब से तैयार करने के लिए जल्द ही टूल रूम शुरू होने जा रहा है। भारत सरकार की तरफ से निर्माणाधीन टूल रूम के कंपलीशन के लिए ग्रेनो प्राधिकरण बोर्ड ने समय विस्तार को स्वीकृति दी है। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की तरफ से पूर्व में ही जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया गया था, जिस पर प्राधिकरण ने सेक्टर ईकोटेक-8 में 15 एकड़ जमीन आवंटित की थी। इस सेंटर में भारत सरकार की तरफ से 8 से 10 हजार स्थानीय युवाओं को को विभिन्न ट्रेड में तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। जिससे उनको यहां के उद्योगों में रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
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ट्रांसपोर्ट हब मेट्रो से और लॉजिस्टिक हब डीएफसीसी से जुड़ेगा
ग्रेनो की दो बड़ी परियोजनाएं एक कदम और आगे बढ़ गई हैं। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के अलाइनमेंट तय करते हुए मास्टर प्लान 2041 में सम्मिलित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब को मेट्रो लाइन से और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब को रेलवे लाइन से जोड़ा जाना है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब को जोड़ने के लिए नई रेलवे लाइन बनाई जानी है जिससे यहां से मुंबई और कोलकाता के बीच औद्योगिक उत्पादों की ढुलाई आसान हो सके। ग्रेटर नोएडा डिपो से मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक मेट्रो लाइन का भी अलाइनमेंट तय करते हुए मास्टर प्लान 2041 में सम्मिलित कर लिया जाएगा। यह रूट लगभग 1.8 किमी लंबा होगा। यह रूट 105 मीटर रोड के कॉरिडोर में एलिवेटेड रहेगा।
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