लखनऊ। पारा निवासी कैब चालक योगेश कुमार पाल (29) की कार लूट के दौरान हत्या का खुलासा करते हुए पारा पुलिस ने शुक्रवार रात वारदात में शामिल बदमाश हरदोई पिहानी नेवढि़या निवासी अजय सिंह को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। मौके से उसका एक साथी भाग निकला। आरोपी के पास से लूटी गई कार और तमंचा बरामद किया गया है। घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि योगेश पाल की लूटी गई कार को बेचने के इरादे से कुछ बदमाश आगरा एक्सप्रेसवे पर आने वाले हैं। इस पर पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने किसान पथ और आगरा एक्सप्रेसवे के बीच पारा के बबूरियाखेड़ा स्थित आउटर रिंग रोड की सर्विस लेेन के चेकिंग शुरू की। इस बीच सफेद रंग की संदिग्ध कार आते देख पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देख कार चालक ने तेजी से गाड़ी बैक की और कार डिवाइडर से टकरा कर रुक गई। कार चालक ने पुलिस टीम पर फायरिंग की और भाग गया। चालक की बगल की सीट पर बैठ दूसरा बदमाश भी कार से उतरा और पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाब में गोली चलाई और बदमाश अजय सिंह के दाहिने पैर में गोली लगी। गोली लगते ही वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। घायल अजय सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डीसीपी ने बताया कि मौके से लूटी गई योगेश की कार और एक तमंचा मिला है। पूछताछ में घायल बदमाश अजय सिंह ने भागे हुए साथी का नाम गुरु सेवक बताया।
शाहजहांपुर में भी चालक की हत्या कर गाड़ी लूटी थी
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि कैब चालक योगेश से कार लूट व हत्या को अंजाम के बाद अजय सिंह ने साथियों के साथ मिलकर छह अक्तूबर को शाहजहांपुर के रोजा में ट्रैवलर चालक अवनीश दीक्षित की हत्या कर गाड़ी लूटी थी। इस संबंध में शाहजहांपुर जनपद में केस दर्ज है। पूछताछ में घायल अजय ने वारदात में शामिल अपने कुछ साथियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगी है। डीसीपी ने बताया कि अजय सिंह के खिलाफ पहले से चोरी व लूट के कुछ मुकदमे दर्ज हैं।
यह है पूरी घटना
मूल रूप से उन्नाव बांगरमऊ के आसत मोहिउद्दीनपुर निवासी योगेश परिवार के साथ पारा के बुद्धेश्वर बादलखेड़ा में रहते थे। बीते 29 सितंबर की शाम करीब छह बजे वह पत्नी वंदना से दोस्त की पत्नी को लेने सीतापुर जाने की बात कहकर कार लेकर घर से निकले थे। इसके बाद वह लापता हो गए थे। उनकी गुमशुदगी पारा थाने में दर्ज कराई गई थी। 30 सितंबर की रात उनका शव सीतापुर के सरियापुर इलाके में झाड़ियों के पास मिला था। चेहरे पर टेप लिपटा हुआ था। सिर पर चोट के निशान थे। उनकी कार, मोबाइल व फोन गायब था। इस मामले में पारा पुलिस ने उनकी गुमशुदगी को हत्या व लूट की धारा में तरमीम कर दिया था।
मुठभेड़ में घायल आरोपी को ले जाती पुलिस, अस्पताल में भर्ती घायल आरोपी व मौके पर छानबीन करती पुल
मुठभेड़ में घायल आरोपी को ले जाती पुलिस, अस्पताल में भर्ती घायल आरोपी व मौके पर छानबीन करती पुल
मुठभेड़ में घायल आरोपी को ले जाती पुलिस, अस्पताल में भर्ती घायल आरोपी व मौके पर छानबीन करती पुल
मुठभेड़ में घायल आरोपी को ले जाती पुलिस, अस्पताल में भर्ती घायल आरोपी व मौके पर छानबीन करती पुल
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मुठभेड़ में घायल आरोपी को ले जाती पुलिस, अस्पताल में भर्ती घायल आरोपी व मौके पर छानबीन करती पुल
मुठभेड़ में घायल आरोपी को ले जाती पुलिस, अस्पताल में भर्ती घायल आरोपी व मौके पर छानबीन करती पुल