नोटबंदी में नौकरी गई फिर नोट बदलने के दौरान चिकत्सकों से हुई नजदीकी
पुलिस पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी विशाल पांडेय की दवा कंपनी में नौकरी ठीक ठाक चल रही थी लेकिन नोटबंदी के दौरान उसकी नौकरी चली गई। इसके बाद वह कई चिकित्सकों के लिए ब्लैक मनी को एक्सचेंज कराया। इस दौरान वह कई चिकित्सकों के संपर्क में आया और उसे लगा कि चिकित्सक के पास काफी पैसे होते हैं तो ठगी करने की योजना बनाने लगा। धीरे-धीरे सेमिनार व विदेशी टूर के नाम पर जालसाजी करने लगा।
तुम्हारी सेना भी हमें पकड़ नहीं सकती
जब साइबर क्राइम पुलिस ने विशाल से फोन पर संपर्क किया तो उसने साइबर क्राइम पुलिस वालों को फोन पर धमकाया और कहा कि तुम लोग मुझे पकड़ नहीं पाओगे। उसने कहा कि तुम क्या तुम्हारी सेना भी हमें पकड़ नहीं सकती। जब नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने उसे धर दबोचा तो उसने कहा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद वह पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगा।
जालसाजी गैंग बनाने की तैयारी में था विशाल
गिरफ्तार आरोपी विशाल पांडेय फिलहाल पूरा गैंग खुद चला रहा था। वह अपनी कमाई में किसी और को कमीशन नहीं देना चाहता था, इसलिए पूरे गैंग की कमान उसने अपने हाथ में रखी थी। लेकिन अब धीरे-धीरे उसका नेटवर्क बढ़ रहा था और उसका भी जालसाजी में मन लग रहा था। इस कारण वह जालसाजी गैंग में कुछ लोगों को शामिल करने की तैयारी में था। हालांकि इसके लिए वह फूंक फूंक कर कदम रख रहा था। तभी वह गिरफ्तार हो गया।