फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर खड़े डंपर से टकराया डंपर 2 की मौत

विज्ञापन
हादसे में क्षतिग्रस्त डंपर ।
विज्ञापन
नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर खड़े डंपर से टकराया डंपर, 2 की मौत
विज्ञापन

नोएडा। नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार आधी रात को खराब हुए डंपर में पीछे से तेज गति से आए बालू से भरे डंपर ने टक्कर मार दी। सेक्टर-132 के पास हुए हादसे में चालक और इंपर ठीक कर रहे मिस्त्री की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि डंपर का पूरा केबिन क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें बैठे चालक-परिचालक बुरी तरह से फंस गए। घायलों को डंपर का केबिन काटकर किसी तरह निकाला गया।
एक्सप्रेसवे कोतवाली निरीक्षक भुवनेश कुमार गौतम ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 12:30 बजे हरियाणा के पाली निवासी महेश भड़ाना का डंपर ग्रेटर नोएडा में रोड़ी-बदरपुर डालने गया था। एटा निवासी रियाज अहमद उसे चला रहाथा। परिचालक अरशद भी उसके साथ था। वहां से लौटते वक्त सेक्टर-132 के पास डंपर खराब हो गया। जिसे ठीक करने के लिए फोन करके दिल्ली निवासी मिस्त्री वेदपाल को बुलाया गया था। रियाज और अरशद मिस्त्री वेदपाल के साथ मिलकर वाहन के नीचे घुसकर उसे ठीक करने में जुटे थे।
विज्ञापन

उसी दौरान ग्रेटर नोएडा की ओर से आ रहे दूसरे डंपर ने खराब वाहन में पीछे से टक्कर मार दी। जिसमें मिस्त्री वेदपाल और चालक रियाज और परिचालक अरशद गंभीर रूप से घायल हो गए। वेदपाल और रियाज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पर दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि अरशद को जेपी अस्पताल में भर्ती कराया।
वहीं, टक्कर मारने वाले डंपर का चालक नरेश केबिन पिचकने के कारण उसी में फंस गया। पुलिस ने करीब 25 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद केबिन काटकर नरेश को बाहर निकाला गया। जिसे जेपी अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। चालक रियाज के पिता बन्ने खां की ओर से कोतवाली में तहरीर दी है। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
क्रेन व्यवस्था न होने से भी हादसों की संख्या में हो रहा इजाफा
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे साल-2004 से ही सड़क हादसों के लिए बदनाम है। शुरू में तो हादसों के बाद खराब होने पर वाहनों को हटाने के लिए क्रेन की व्यवस्था की जाती थी। मगर पिछले कई साल से इस तरह की व्यवस्था एक्सप्रेसवे से हटा दी गई है। जिससे खराब वाहन ठीक होने के बाद ही हटाए जाते हैं। इसी कारण अक्सर वहां पर हादसे भी होते हैं।
विज्ञापन

जले वाहनों को भी नहीं हटाया जाता
एक्सप्रेसवे पर कई बार वाहनों में आग लगने की घटना हो चुकी है। घटना बाद एक्सप्रेसवे के किनारे जले वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है। मगर उनको हटाया नहीं जाता है। कई बार किनारे खड़े ऐसे वाहन भी हादसों का वजह बन जाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें