दुर्घटना के बाद भागने पर चालक को होगी दस साल की कैद
अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने बताया कि नए कानून (भारतीय न्याय संहिता) के तहत हादसों पर सजा और जुर्माना सख्त हो गया है। दुर्घटना के बाद मौके से भागने (हिट एंड रन) पर 10 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। यदि आरोपी घायल को अस्पताल पहुंचाता है तो सजा कम हो सकती है। लापरवाही से हुई मौत के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 106 (1) के तहत 5 साल तक की सजा और जुर्माना है बशर्ते चालक घटना की सूचना पुलिस को दे।
दस माह में हादसों के आंकड़े
हादसे 464
मौत 259
घायल 390
हादसों की विवेचना भी गंभीरता किए जाने के निर्देश दिए हैं। इन केसों में मजबूत चार्जशीट तैयार की जाएगी और कोर्ट में भी मजबूती से पैरवी कर सजा दिलाई जाएगी। इसके अलावा हादसे रोकने के लिए रोड सेफ्टी अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान चलाने से एक व्यक्ति भी जान बचेगी तो यह अभियान की सफलता होगी। - सतपाल अंतिल, एसएसपी
हेड कांस्टेबल भी सीखेंगे विवेचना करना
हेड कांस्टेबल पदोन्नत होकर दरोगा बनते तो उन्हें विवेचना दी जाती हैं लेकिन उनके एक दो दिन विवेचना सीखने में ही निकल जाता है इसके लिए उन्हें पहले से विवेचना के लिए तैयार की जाएगा। एसएसपी ने थाना प्रभारी और सीओ को निर्देश दिए हैं कि हेड कांस्टेबलों को भी दरोगा और इंसपेक्टर के विवेचना में लगाएं ताकी वह विवेचना करना सीख जाएं ताकी भविष्य में वह दरोगा बनते तो उन्हें और विभाग को इसका फायदा मिल सके।