- मई से शुरू की जाएगी प्रक्रिया, प्रशासन से की गई 100 नई बसों की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। स्थानीय यात्रियों को ग्रेटर नोएडा डिपो से दूरदराज आवागमन में एक बार फिर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मई से ग्रेटर नोएडा डिपो में संचालित 153 बसों में से 50 बसों को बेड़े से बाहर कर दिया जाएगा। हालांकि, पुरानी बसों को हटाने से पहले नई बसों की मांग की गई है।
ग्रेटर नोएडा डिपो में विभिन्न रूटों पर 153 बसों का संचालन किया जा रहा है। संचालित बसों में करीब 50 बसों की मियाद पूरी होने वाली है। इनको बेड़े से बाहर कर दिया जाएगा। इनकी सूची निगम को भेजी गई है। यह प्रक्रिया मई से शुरू होने वाली है और दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान हर महीने चार से पांच बसें बेड़े से बाहर कर दी जाएगी। इससे साफ है डिपो में जल्द ही बसों की कमी होने वाली है, जिसके बाद यात्रियों की फिर से रूटों पर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। रोडवेज अफसरों का कहना है कि पुरानी बसें को बेड़े से बाहर होने पर यात्रियों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए प्रशासन से नोएडा व ग्रेटर नोएडा के लिए 100 बसों की मांग की गई है।
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15 वर्ष पूरी कर चुकी बसों को बेड़े से हटाने की प्रक्रिया मई से शुरू कर दी जाएगी और दिसंबर तक चलेगी। करीब 50 बसों को बेड़े से बाहर किया जाएगा। हालांकि, शासन से 100 बसों की मांग की गई है। -अनिल शर्मा, एआरएम, ग्रेटर नोएडा डिपो।