व्यापारी अभिषेक की हत्या के बाद सुर्खियों में आए पूजा शकुन व अशोक पांडेय दंपती का विवादों से पुराना नाता है। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर नरसिंहानंद गिरी के करीबी यह दंपती वर्ष 2019 में पहली बार गांधी के पुतले को गोली मारने की घटना में जेल गए थे। तब अभिषेक भी इस घटना में उनके साथ आरोपी था। पांडेय दंपती से पहले अभिषेक को पुलिस ने जेल भेजा था।
बी दास कंपाउंड में रहने वाले पांडेय दंपती अक्सर किसी न किसी मुद्दे पर विवादित बयान या घटनाक्रम की वजह से वे सुर्खियों में रहते हैं। कभी कोरोना काल में तब्लीगी जमात को लेकर बयान देना तो कभी गांधी के पुतले को गोली मारना सुर्खियों में रहा। 30 जनवरी 2019 को गांधी के पुतले को गोली मारने की घटना में तो पुलिस ने उन्हें नोएडा से गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इसके बाद जून माह में कानपुर कांड के बाद उन्होंने जुमे की नमाज को लेकर विवादित बयान दिया, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। जब गांधी प्रकरण में यह दोनों जेल गए थे। इसके बाद 2022 में इनके आवास पर आयोजित भागवत कथा में शामिल होने आए जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर नरसिंहानंद गिरी ने एएमयू को लेकर विवादित बयान दिया था। इसे लेकर पुलिस ने फिर एक मुकदमा दर्ज किया था। इसमें पूजा शकुन व उनके पति अशोक पांडेय को भी नामजद किया था।
एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार पूजा शकुन व अशोक पांडेय पर अब से पहले राजनीति से प्रेरित विवादित बयान व घटनाक्रमों को लेकर पांच मुकदमे दर्ज हैं। इसमें समय-समय पर कार्रवाई हुई है।