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Noida News: रेलवे में नया प्रयोग...पुल की लंबाई ज्यादा तो बनेगा धनुषाकार

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निर्माणाधीन गोरखनाथ ओवरब्रिज। संवाद
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- मानीराम, गोरखनाथ ओवरब्रिज, सैदपुर में बनने के बाद रेलवे ने लिया निर्णय
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- नई तकनीक से गर्डर की मोटाई होगी कम, पुल की ऊंचाई ज्यादा नहीं करनी होगी
गोरखपुर। रेलवे ट्रैक की चौड़ाई अगर ज्यादा है तो उसके ऊपर बनने वाला फ्लाईओवर धनुषाकार आकृति का बनेगा। इससे फायदा यह होगा कि पुल के नीचे लगे गर्डर की मोटाई कम हो जाएगी और ओएचई तार ले जाने में आसानी रहेगी। इसके चलते ओवरब्रिज की ऊंचाई अधिक नहीं करनी पड़ेगा। वहीं, दिखने में भी आकर्षक होगा।

गोरखपुर के मानीराम, गोरखनाथ ओवरब्रिज और मंडुआडीह के सैदपुर ओवरब्रिज को इसी तकनीक पर बनाया गया है। इसे बनाने में लागत भी कम आ रही है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने अब इस तकनीक पर ही ज्यादा चौड़ाई वाले रेलवे ट्रैक पर ओवरब्रिज बनाने का निर्णय लिया है। दरअसल, पहले जो फ्लाईओवर बनाए जा रहे थे भार को बांटने के लिए उसके गर्डर की मोटाई ज्यादा रहती थी। अब रेलवे ट्रैक पर ओएचई तार दौड़ाए गए हैं, ऐसे में फ्लाईओवर की ऊंचाई अधिक करनी पड़ रही थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है।
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धनुषाकार पुल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका भार वहन करने का तरीका है। यह मुख्य रूप से संपीड़न (क्रंप्रेशन) द्वारा भार वहन करता है। पुल का घुमावदार आकार पुल के वजन और उस पर आने वाले यातायात के भार को सिरों पर बने मजबूत नीवों स्थानांतरित करता है। इसके चलते इसकी मजबूती बनी रहती है।
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पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि जहां भी रेलवे ट्रैक की चौड़ाई ज्यादा है वहां अब धनुषाकार आकृति का फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसी तर्ज पर गोरखनाथ ओवरब्रिज को भी तैयार किया जा रहा है।
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