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सात जून को होगी ट्विन टावर को लेकर बैठक

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सात जून को होगी ट्विन टावर को लेकर बैठक
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नोएडा। सेक्टर-93ए सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट ट़्िवन टावर के अंतिम ब्लास्ट की तैयारियां जोरों पर हैं। जारी तैयारियों के बीच एमराल्ड कोर्ट और आसपास की सोसाइटी में रहने वाले निवासियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बाबत 7 जून को सीईओ रितु माहेश्वरी एक बैठक के माध्यम से समस्या के समाधान की कोशिश करेंगी।
ट़्विन टावर के आसपास रहने वाले लोग धूल उड़ने, रास्ता ब्लॉक होने, पिलरों में जंग लगे होने, सही तरीके से स्ट्रक्चरल ऑडिट न होने की लगातार शिकायतें कर रहे हैं। इसी कड़ी में आरडब्ल्यूए की ओर से इस मामले में ई-मेल और पत्र के माध्यम से ब्लास्टिंग एजेंसी और प्राधिकरण को सूचित किया गया है। एजेंसी की ओर से इस मामले में एहतियात बरतते हुए सावधानी से काम करने की बात कही गई है। हालांकि वहां रहने वाले निवासी संतुष्ट नहीं हैं। यही वजह है कि उनकी ओर से पत्राचार किया गया है।
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अब इस मामले का संज्ञान लेते हुए सीईओ ने 7 जून को एक बैठक बुलाई है। बैठक में सीईओ के अलावा अन्य अधिकारी और एमराल्ड कोर्ट के शिकायतकर्ता मौजूद रहेंगे। बैठक में बिल्डर और एजेंसी का प्रतिनिधि भी शामिल होगा। इसमें उनकी ओर से शिकायतों के समाधान पर चर्चा होगी और समाधान की कोशिश होगी।
स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए समिति गठित
नोएडा। हाईराइज इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट को लेकर नोएडा प्राधिकरण की गतिविधि तेज हो गई है। नोएडा एसीईओ की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इसमें तीनों प्राधिकरण के अधिकारी होंगे। इन्हीं के सहयोग से स्ट्रक्चरल ऑडिट का ड्राफ्ट तैयार होगा। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक कमेटी में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुूना प्राधिकरण के एक-एक एसीईओ, जीएम प्लानिंग, जीएम सिविल, वित्त नियंत्रक और सीएलए शामिल हाेंगे। इनके सहयोग से स्ट्रक्चरल ऑडिट का ड्राफ्ट तैयार होगा। ड्राफ्ट का रिवीजन होगा। सीईओ की ओर से इसकी जांच के बाद इसे नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड में रखा जाएगा।
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बोर्ड बैठक में सदस्यों की सहमति के बाद इसका अनुमोदन कराया जाएगा। अनुमोदन के बाद शासन की संस्तुति से इसे लागू कर दिया जाएगा। स्ट्रक्चरल ऑडिट की नीति बनने के बाद इसे लागू करते हुए अलग-अलग इमारतों की जांच कराई जाएगी। इसके तहत नियमों पर खरा नहीं उतरने वाली इमारतों को अलग श्रेणी में रखा जाएगा और इसकी मजबूती के लिए विशेष कवायद की जाएगी।
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