समालखा। चुरापोस्त तस्करी के मामले में आरोपियों से नया खुलासा हुआ है। चुरापोस्त की तस्करी करने के लिए आरोपियों ने कैंटर की फर्जी आरसी तैयार की थी। झज्जर निवासी ऋषिराज ने नूंह निवासी जुनैद से 10 हजार रुपये में फर्जी आरसी तैयार कराकर 20 हजार रुपये लेकर नशा तस्कर हरदीप उर्फ हरजीत को बेची थी। शुक्रवार शाम को एंटी नारकोटिक सैल प्रभारी ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। ऋषिराज को दो दिन और जुनैद को छह दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान फर्जी आरसी तैयार करने वाले गिरोह का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
एंटी नारकोटिक सैल प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि बीते 30 सितंबर को टीम ने पट्टीकल्याणा में पहलवान ढाबा के पास से एक कैंटर से 274.73 किग्रा चुरापोस्त बरामद किया था। कैंटर में एक गुप्त केबिन बनाकर नशे की खैप लाई गई थी। जांच में पता चला था कि रोहतक निवासी हरजीत राजस्थान व मध्य प्रदेश से मादक पदार्थ तस्करी कर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश व दिल्ली में सप्लाई करता है। हरदीप ने स्वराज माजदा कैंटर में मादक पदार्थ लोड कर पट्टीकल्याणा के पास जीटी रोड किनारे स्थित पहलवान ढाबा परिसर में पीछे की तरफ खड़ा किया है। इसके बाद 14 सितंबर को पुलिस ने हरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में हरजीत सिंह ने बताया था कि पंजाब निवासी उसके एक जानकार ने एक लाख रुपये कैंटर का भाड़ा देने की बात कहकर राजस्थान से चुरापोस्त लाने के लिए कहा था।
इसके बाद उसने अपना ड्राइवर भेज दिया था। जहां से एक होटल में ड्राइवर को रोककर कुछ लोग कैंटर ले गए थे और तीन घंटे बाद चुरापोस्त लोड कर दे गए थे। इसके साथ ही हरजीत सिंह ने बताया था कि उसने पुलिस से बचने के लिए अपने कैंटर की फर्जी आरसी तैयार कराई थी। उसने झज्जर निवासी ऋषिराज से 20 हजार रुपये में फर्जी आरसी ली थी। वहीं ऋषिराज ने 10 हजार रुपये में आरसी नूंह के जुनैद से 10 हजार रुपये में बनवाई थी। शुक्रवार को टीम ने ऋषिराज और जुनैद को भी गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर ऋषिराज को दो दिन और जुनैद को छह दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर फर्जी आरसी तैयार करने में प्रयुक्त उपकरण बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही नशा तस्करी में शामिल फरार आरोपियों को भी जल्द ही काबू कर लिया जाएगा।