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अमेरिका में व्यापार के नाम पर 88 लाख ठगे, विदेशी गिरफ्तार

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। अमर उजाला
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नोएडा। अमेरिका में हर्बल सीड्स (बीज) के व्यापार का झांसा देकर आईटी कंपनी के हेड से 88 लाख रुपये ठगने के आरोप में एक नाइजीरियाई को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी से सात मोबाइल, आठ सिम व चार पासपोर्ट बरामद किए गए हैं। आरोपी के गिरोह में युवतियाें सहित अन्य लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
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यूपी साइबर क्राइम के एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि गाजियाबाद निवासी सौमित्र चक्रवर्ती ने पिछले साल साइबर क्राइम थाने में ठगी की शिकायत दी थी। सेक्टर-36 साइबर थाने की प्रभारी रीता यादव के नेतृत्व में पुलिस ने जांच के बाद बुधवार को नाइजीरिया निवासी मौरेस स्लीवर (40) को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली के द्वारका इलाके में रह रहा था। मौरेस ने फेसबुक पर प्रोफाइल देखकर आईटी कंपनी के हेड सौमित्र से संपर्क किया था। मौरेस ने उन्हें बताया कि उसकी कई देशों में कंपनियां हैं जो हर्बल सीड्स का व्यापार करती है।
इसके बाद मौरेस के गिरोह की युवतियों ने फोन कर बिजनेस मॉडल, कमाई से लेकर अमेरिका में व्यापार के तरीके बताकर झांसे में ले लिया। मौरेस ने कहा कि व्यापार में कुल लाभ का 70 फीसदी सौमित्र को मिलेगा। इसके बाद उसने क्वालिटी टेस्ट के लिए कुछ बीज भेज दिए। इसके बाद कई बार में 88 लाख रुपये अलग-अलग खातों में डलवा लिए। जब मौरेस ने नंबर बदल दिया तो सौमित्र को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद साइबर क्राइम थाने से शिकायत दी गई।
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विदेश भेजे गए पैसे, गलत एड्रेस पर लिया सिम
एसीपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि मौरेस ने जितने भी पैसे खाते में मंगवाए, वे सभी अलग-अलग लोगों से किराये पर लिए गए थे। सिम भी उसने गलत एड्रेस पर ले रखा था। अलग-अलग खातों में पैसे मंगवाकर उसने वेस्टर्न यूनियन से दूसरे देशों के खाते में पैसे भेजे हैं।
10 खातों का पता चला, दो में दो करोड़ का लेनदेन
जांच में मौरेस के नाम पर 10 खातों का पता चला है। दो खातों से करीब दो करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। आशंका जताई जा रही है आरोपी ने कई लोगाें से ठगी की है। साइबर थाना पुलिस अन्य ठगी के बारे में पता लगा रही है।
2015 में मेडिकल वीजा पर आया था भारत
मौरेस वर्ष 2015 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था। जब पुलिस ने बीमारी के बारे में पूछा तो उसने किसी तरह की बीमारी होने से मना किया। पुलिस इस मामले में संबंधित दूतावास से भी जानकारी ले रही है।
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