सुरक्षा समूह के रिज्यूलेयशन प्लान से 82 हजार फ्लैट खरीदार और किसानों को मिलेगा लाभ
- सुरक्षा समूह देगा किसानों के अतिरिक्त मुआवजे के तौर पर 1689 करोड़
- शासन को भेजा जाएगा सुरक्षा समूह का रिज्यूलेशन प्लान, कैबिनेट से लेनी है मंजूरी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जेपी इंफ्राटेक के एनसीएलटी में चले जाने के बाद सुरक्षा समूह इसे टेकओवर कर रहा है। मगर इसके एवज में सुरक्षा समूह ने प्राधिकरण से एफएआर को बढ़ाकर 2.6 तक करने की मांग की है। जबकि अभी तक ग्लोबल एफएआर 1.5 ही है। इसके अलावा टोल का समय 15 और साल बढ़ाने, वाटर चार्ज माफ करने और किसी अन्य समूह के साथ भवन बनाने के लिए साझा करने (एसपीवी बनाने) 79 एकड़ जमीन को देने, समेत कई प्रस्ताव दिए थे। प्राधिकरण बोर्ड ने एकाध प्रस्ताव को छोड़कर लगभग सभी को सशर्त मंजूरी दे दी है।
इसमें बोर्ड ने गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जनपद के करीब 50 हजार किसानों की जमीन यमुना एक्सप्रेसवे और जेपी के लिए ली गई थी। इन किसानों का अतिरिक्त मुआवजा 1689 करोड़ रुपये हैं। यदि सुरक्षा समूह पहले यह राशि देता है तो उसके प्रस्ताव को मान लिया जाएगा। इससे करीब 50 हजार किसान एक दशक से अतिरिक्त मुआवजा दिया जा सकेगा। यदि यह रिज्ल्यूलेशन प्लान मंजूर होता है तो 32 हजार फ्लैट खरीदारों को भी अपना आशियाना मिल सकेगा। इससे 82 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इस प्रस्ताव को बोर्ड से पास कर दिया गया है और अब शासन को भेजकर केबिनेट से पास कराना होगा। इसके लिए सुरक्षा समूह को अपनी रजामंदी देनी होगी।
1670 आवंटियों को मिलेगी ब्याज से मुक्ति
यमुना प्राधिकरण ने बीएचएस-4 और बीएचएस-5 योजना निकाली थी, लेकिन उनके आवंटियों को समय से कब्जा नहीं दे पाए थे और उनको दूसरे स्थानों पर भूखंड आवंटित कर दिए थे। मगर ऐसे आवंटियों पर आवंटन के समय से ही दंडात्मक ब्याज लिया जा रहा था। जबकि किसानों के केस की वजह से प्राधिकरण उनको कब्जा नहीं दे पाया था। अब ऐसे 1670 आवंटियों को आठ जनवरी-2021 से ही ब्याज लिया जाएगा।
जिन परियोजनाओं तक प्राधिकरण रास्ता नहीं बना पाया उनको दिया जाएगा जीरो पीरियड का लाभ
प्राधिकरण ने जिन परियोजनाओं को जमीन दी थी और किसी कारणवश प्राधिकरण वहां तक रास्ता नहीं बना पाया है। ऐसी परियोजनाओं को भी जीरो पीरियड का लाभ दिया जाएगा। चूंकि यह प्राधिकरण की सेवा में कमी रही है कि भूखंड देने के बाद उनको रास्ता बनाकर नहीं दे पाया है तो इसका आवंटियों को लाभ दिया जाएगा।