70 हजार किसानों और 37 हजार खरीदारों को मिलेगा तोहफा
- यमुना प्राधिकरण की 78वीं बोर्ड बैठक छह जनपदों के किसानों को आबादी और अतिरिक्त मुआवजे का मिलेगा लाभ
- 32 हजार खरीदारों को घर मिलने का रास्ता साफ, पांच हजार को जीरो पीरियड और ओटीएस का लाभ
- जेवर एयरपोर्ट से चोला रेलवे स्टेशन तक रेलवे ट्रैक और एक्सप्रसेवे और चोला स्टेशन के सौंदर्यीकरण को मंजूरी
नंबर
66 प्रस्ताव पेश हुए
22 को मिली मंजूरी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने किसानों, खरीदारों और आवंटियों समेत अन्य के लिए पिटारा खोल दिया है। बुधवार को 78वीं बोर्ड बैठक में गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, हाथरस, मथुरा और आगरा के करीब 70 हजार किसानों को आबादी और अतिरिक्त मुआवजे का लाभ देने को मंजूरी दे दी गई। वहीं करीब 32 हजार खरीदारों को घर मिलने और करीब पांच हजार खरीदारों को जीरो पीरियड और एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
बोर्ड ने औद्योगिक और संस्थागत, विवि के प्लाॅट, दूध और सब्जी बिक्री केंद्रों, धार्मिक स्थलों के आवंटन में ई-नीलामी को खत्म कर दिया है। औद्योगिक, संस्थागत, ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्यिक और टाउनशिप के लिए एक अक्तूबर से ओटीएस स्कीम लाने की घोषणा की गई है। बैठक में सुरक्षा समूह का रिज्यूलेशन प्लान को सशर्त मंजूरी और डाटा पार्क की नियमावली में संशोधन को अनुमति दी गई। वहीं यीडा ने एयरपोर्ट से चोला स्टेशन तक रेलवे लाइन और एक्सप्रेसवे बनाने को मंंजूरी दे दी है। जबकि चोला स्टेशन का सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई है।
वहीं मास्टर प्लान-2041, मथुरा-राय हेरीटेज सिटी करीब सात किमी तक विकसित करने, यीडा के लिए म्युनिस्पल फंक्शन के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के 23 पद, उद्यान विभाग और सफाई कर्मचारियों के पद सृजित करने, जेपी की एलएफडी भूमि पर डीम्ड यूनिवर्सिटी जेआईआईटी को मंजूरी और आवासीय समितियों के लिए जमीन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष की आमदनी में 111 फीसदी बढ़ोतरी का भी दावा किया है।
यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन अनिल कुमार सागर की अध्यक्षता में बुधवार को करीब चार घंटे तक बोर्ड बैठक में 66 प्रस्ताव पेश किए गए। पेश किए गए 66 एजेंडे में से 22 को मंजूरी दे दी गई। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 219 करोड़ रुपये जमीन खरीद पर खर्च किए गए थे। इस बार इस मद में 439 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस बार आवासीय योजना से 757 करोड़ रुपये की आय होगी।
बोर्ड में औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में ई-नीलामी खत्म कर दी गई है और उसमें छह बिंदु जोड़े गए हैं। इनमें कितना रोजगार, सीएसआर में कितना खर्च आदि की जानकारी डीपीआर में ही देनी होगी। इसी तरह संस्थागत में विश्वविद्यालय, मिल्क बूथ, वेजीटेबल बूथ और धार्मिक स्थल के आवंटन को भी ई-नीलामी से बाहर कर दिया गया है। इसमें चार हजार वर्गमीटर तक के आवंटन का ड्रा के जरिए होगा, जबकि इससे बड़े भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार से किया जाएगा। जबकि डाटा सेंटर पार्क की संशोधित नियमावली को मंजूरी दे दी है। अगले सप्ताह इनकी स्कीम लाई जाएगी।
सुरक्षा समूह के रिज्यूलेशन प्लान के तहत गौतमबुद्धनगर से आगरा तक के करीब 50 हजार किसानों को 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा मिल सकेगा। यह रिज्यूलेशन प्लान सुरक्षा समूह की ओर से 1689 करोड़ रुपये जमा कराने के बाद लागू होगा। औद्योगिक, संस्थागत, व्यावसायिक व मिश्रित श्रेणी की परियाेजनाओं के लिए ओटीएस और जीरो पीरियड का लाभ दिया जाएगा। ग्रुप हाउसिंग के लिए जीरो पीरियड और ओटीएस का जो लाभ बिल्डर को मिलेगा। उसी अनुपात में बिल्डर खरीदारों को वह लाभांश देगा। साथ ही ग्रुप हाउसिंग की योजना के पेमेंट मोड को तीन साल की बजाय पांच साल कर दिया गया है।
अभी तक यमुना एक्सप्रेसवे से बांके बिहारी मंदिर तक करीब पौने सात किमी की दूरी में केवल चार किमी क्षेत्र की 760 एकड़ में हेरिटेज सिटी के रूप में विकसित किया जाना था। मगर अब यमुना एक्सप्रेसवे के राया कट से बांके बिहारी मंदिर तक करीब चार किमी चौड़ाई में पौने सात किमी दूरी तक हेरीटेज सिटी को 1500 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। अब ग्रुप हाउसिंग समेत परियोजना और अन्य विभागों में टेंडर को रोलओवर किया जा सकेगा। इससे बार-बार टेंडर निकालने की जरूरत नहीं होगी। यदि किसी टेंडर में तीन कंपनी शामिल नहीं होंगी तो दूसरी बार में रोल ओवर करके एक कंपनी को ही टेंडर दिया जा सकेगा।