टाइल काटने वाले कटर से काटी 8 इंच की मोटी छत
गुरुग्राम। राजीव नगर पुरानी दिल्ली रोड स्थित पीसी ज्वेलर्स का स्ट्रांग रूम काटने से पहले बिल्डिंग की पूरी तरह से रेकी की गई थी। स्ट्रांग रूम के ऊपर की छत से लेकर आने-जाने के सभी रास्ते से चोरी वाकिफ थे, इसी वजह से महज कुछ घंटों में टाइल काटने वाले कटर से 8 इंच की मोटी छत काटकर स्ट्रांग रूम से 35 करोड़ रुपये के हीरे-जेवरात चोरी कर गए। वापस उसी रास्ते जेवरात लेकर चले गए। इस मामले में पुलिस कर्मचारी की मिलीभगत और शोरूम प्रबंधन की लापरवाही मानकर भी जांच कर रही है। पुलिस डॉग स्क्वायड की मदद से भी मामले की जांच में जुटी है।
कई सवालों को देखते हुए पुलिस ने शोरूम में तैनात सुरक्षाकर्मी को भी संदेह के घेरे में ले लिया है। पुलिस यह भी अंदेशा लगा रही है कि चोरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले शोरूम की रेकी की है। इसके अलावा इसमें कर्मचारियों की मिलीभगत होने की बात को भी पुलिस नकार नहीं रही है। अपराध शाखा व संबंधित थाना पुलिस की 4 टीमें जांच में जुटी हुई हैं।
शोरूम की चौथी मंजिल की छत पर शौचालय बना हुआ है, जिसे कर्मचारी व शोरूम की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी इस्तेमाल करते हैं। छत पर शौचालय होने के कारण दरवाजा खुला रहता है। इसे ही ध्यान में रखते हुए चोर चार मंजिला शोरूम के पीछे से प्लास्टिक की दो रस्सी के जरिये ऊपर तक पहुंचे। इसके पीछे बने तीन मंजिला मकान से प्रवेश को लेकर पुलिस कयास लगा रही है। पुलिस के सामने रस्सी के जरिये प्रवेश करने का सवाल बना हुआ है। रस्सी कैसे लगाई और किसने लगाई? इस मामले में पुलिस की तफ्तीश जारी है।
पुलिस की मानें तो छत पर खुले गेट से प्रवेश करने के बाद सीढ़ी स्ट्रांग रूम की छत पर खत्म होती है। यहीं से छत को काटकर चोरी को अंजाम दिया गया। ऐसे में चोर स्ट्रांग रूम की लोकेशन से भी परिचित थे। स्ट्रांग रूम काटने के लिए कटर का बिजली कनेक्शन भी वहीं से लिया गया। कटर चलने के कारण शोरूम में आवाज बाहर खड़े सुरक्षाकर्मी को न सुनाई देना उसे संदेह के घेरे में ला रहा है। प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ सवाल पुलिस के सामने आए हैं जिनके जवाब पुलिस ढूंढ रही है।
पुराना दिल्ली रोड पर हर वक्त वाहनों की आवाजाही रहती है। जहां पर शोरूम स्थित है वहां से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर ही सेक्टर-14 थाना है। रात भर दिल्ली रोड पर पुलिस गश्त करने का दावा करती है। शोरूम प्रबंधन का दावा है कि चोरी हुए जेवरों की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये है। सोमवार देर शाम तक पुलिस को शोरूम की तरफ से गहनों का वजन व कीमत की सूची नहीं सौंपी गई थी, इस कारण पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।
इन सवालों का जवाब है अभी बाकी
-रस्सी छत पर किसने लटकाई?
-दिन में कर्मचारी छत पर बाथरूम का प्रयोग करते हैं, लेकिन रात को शोरूम बंद करते वक्त छत का दरवाजा बंद क्यों नहीं किया गया?
-जब स्ट्रांग रूम की छत काटी जा रही थी तो सुरक्षाकर्मी को कटर चलने की आवाज क्यों नहीं आई। अगर आवाज आई थी तो उसने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी?
-इसके अलावा पिछले घर की छत तक चोर कैसे पहुंचे।
-चोरी की घटना के वक्त जब कुत्ते भौंक रहे थे, तो कुत्तों को क्यों भगाया गया?