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संवाद-----सेक्टर-82

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हेडिंग: टेंडर है पास फिर भी प्राधिकरण नहीं बना रहा सड़क
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सबहेड: सेक्टर-82 उद्योग विहार की अधूरी सड़क आखिर कब बनेगी
मुख्य सड़क का बुरा हाल होने से सर्विस लेन भी गड्ढों में परिवर्तित
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सेक्टर-82 स्थित उद्योग विहार की सड़क बारिश के बाद नाले में तब्दील हो जाती है। यहां की सड़कों पर बड़े गड्ढे आसानी से नजर आ जाएंगे। इसके बाद भी प्राधिकरण लापरवाही बरत रहा है। आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं जिसमें लोगों का घायल होना आम बात है। इसे लेकर उद्योग विहार के लोगों में नाराजगी है।
अध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि सड़कों का टेंडर 6 महीने पहले हो चुका है। बजट पास होने के बाद भी अब तक काम शुरू नहीं किया गया है। मुख्य सड़कों का बुरा हाल होने से सर्विस लेन भी गड्ढों में परिवर्तित हो रही है। पूरे सेक्टर में लाखों लोगों की आबादी है। ऐसी आबादी में सभी का आना-जाना लगा रहता है। यहां के लोगों के सड़कों के बारे में जानकारी है, लेकिन बाहरी लोगों को इसके बारे में नहीं पता है। इससे वह तेज गति में आते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। वहीं, टूटी सड़कों पर कचरा फेंका जा रहा है। बारिश के समय यहां की सड़कों पर कई दिनों तक पानी भरा रहता है जिससे बीमारी व बदबू जन्म ले रही हैं।
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रोजाना बढ़ती जा रहीं दुर्घटनाएं
उद्योग विहार की मुख्य सड़कों पर हादसे होते रहते हैं। अधिक गड्ढों के कारण लोग सर्विस रोड से जाना पसंद करते हैं। इससे जाम की स्थिति बनी रहती है। भंगेल की तरफ से स्वर्णिम विहार व उद्योग विहार की सड़कें मिलती हैं। सोसायटी के अंदर की बात करें या बाहर की, सभी सड़कों का एक जैसा हाल है। सड़कों का बुरा हाल होने से लोग रांग साइड से गाड़ी लेकर निकलते हैं। जहां कोई यातायात कर्मचारी भी तैनात नहीं रहता है। लोगों ने बताया कि 2013 में सोसायटी की सड़कों का निर्माण कराया गया था। इसके बाद से ही सड़कों से डामर धीरे-धीरे उखड़ने लगी थी।
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क्या कहते हैं स्थानीय लोग परिचर्चा

सोसायटी के मुख्य गेट पर पानी बुरा रहता है। गड्ढों की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती है। पैदल आने जाने में अधिक परेशानी होती है।
- पूरन पटवाल
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सड़कों पर सीवर व नाले का पानी एकत्र हो रहा है। जिससे मच्छर पैदा हो रहे हैं। हम सोसायटी के लोगों के ऊपर बीमारी का खतरा मंडरा रहा है।
- अनिल कुमार ठाकुर
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अगर प्राधिकरण ने टेंडर पास कर दिया है तो सड़कों का निर्माण कार्य करने में क्या दिक्कत आ रही है। हमें सड़कों के निर्माण का इंतजार है। आखिर कब सड़कें बनाई जाएंगी।
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- निशा गुप्ता
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6 माह से प्राधिकरण को जगाया जा रहा है। अधिकारियों को पत्र भी लिखा गया है। सड़कें खराब होने के कारण हादसे बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में जान माल की हानि भी हो सकती है।
- विक्रम ठाकुर
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