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ग्रेनो वेस्ट के गौंड़ चौक पर बनेगा 700 मीटर लंबा अंडरपास

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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट के लाखों लोगों के लिए खुशखबरी है। प्राधिकरण गौड़ चौक (किसान चौक या चार मूर्ति गोलचक्कर) पर अंडरपास बनाएगा। इससे हजारों लोगों को जाम की समस्या से परेशान नहीं होना पड़ेगा। प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने शनिवार को अंडरपास की योजना पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अंडरपास 60 मीटर रोड पर बनेगा। इसकी लंबाई 700 मीटर होगी। इसके बनने से गौड़ चौक पर वाहनों का दबाव कम होगा।
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अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में यहां वाहनों का काफी दबाव बना रहता है। इस वजह से वाहनों को यूटर्न देकर निकाला जाता है। एक रास्ते को बंद किया गया है, ताकि चौराहे पर वाहन न फंसें। इसके बावजूद यहां वाहनों का काफी दबाव बना रहता है। एक सर्वे के मुताबिक यहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं जिसे संभालना आसान नहीं होता। इस कारण यहां अंडरपास बनाने की योजना पर मुहर लगाई गई है।
अस्थायी विकल्प के तौर पर चौराहे के दोनों तरफ 130 मीटर रोड पर दो यूटर्न बने हैं। गौड़ सिटी की तरफ से सूरजपुर व नोएडा की ओर जाने वाले वाहन 130 मीटर रोड पर बने यूटर्न से होकर गुजरते हैं। इसी तरह 130 मीटर रोड या सूरजपुर की तरफ से गौड़ सिटी व प्रताप विहार को जाने वाले वाहन नोएडा की तरफ बने यूटर्न से होकर जाते हैं।
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राइट्स ने किया चौराहे का सर्वे
इसका स्थायी समाधान निकालने के लिए प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर सरकारी सलाहकार एजेंसी राइट्स से चौराहे का सर्वे कराया। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंप दी। रिपोर्ट के अनुसार इस चौराहे से रोजाना 13 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। एजेंसी ने यहां अंडरपास बनाने का सुझाव दिया है।
ऐसे बनेगा अंडरपास
प्रस्तावित अंडरपास चौराहे पर 130 मीटर रोड को क्रॉस करते हुए 60 मीटर रोड के नीचे बनेगा यानी प्रताप विहार से सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा के बीच वाहन इस अंडरपास से होकर गुजरेंगे। ऐसे वाहनों को यूटर्न तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे वाहन चालकों के समय और ईंधन दोनों की ही बचत होगी।
अंडरपास की डिजाइन व डीपीआर होगी तैयार
प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना एके अरोड़ा ने बताया कि अंडरपास की लंबाई करीब 700 मीटर होगी। अब इस अंडरपास की डिजाइन व डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी। इसके एस्टीमेट का आईआईटी से परीक्षण कराया जाएगा। उसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।
तीन माह में निकलेगा टेंडर
ग्रेनो प्राधिकरण के जीएम का कहना है कि तीन माह में टेंडर निकाल देने का लक्ष्य है। इसका निर्माण शुरू होने के बाद पूरा होने में करीब दो साल का समय लगने का अनुमान है। प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने लोगों की जरूरत को देखते हुए सभी कागजी औपचारिकता को पूरा कर निर्माण शीघ्र शुरू कराने और तय समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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