एक और बच्ची ने तोड़ा दम, कुल सात लोगों की गई जान
ग्रेटर नोएडा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर रविवार रात हादसे का शिकार हुई ईको वैन में 13 लोग सवार थे। इनमें 5 को राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया था। वहीं, हादसे में घायल रिहाना ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि सोमवार को दिल्ली एम्स में 6 साल की अक्सा की भी मौत हो गई। इससे हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या सात हो गई। मृतकों में चालक को छोड़कर 6 एक ही परिवार के सदस्य हैं, इनमें तीन बहने हैं। हादसे में घायल तीन जिम्स और तीन एम्स में अभी भी भर्तीं हैं। पुलिस के मुताबिक, तेज रफ्तार ईको वैन किसी ट्रक की साइड लगने पर अनियंत्रित होकर पलट गई थी।
बता दें कि बुलंदशहर जिले के गुलावठी कोतवाली क्षेत्र स्थित मिठ्ठेपुर गांव के आसीन व उसके भाई यासीन का परिवार रविवार को हरियाणा के बल्लभगढ़ स्थित सेक्टर-53 में रिश्तेदार युवती के निकाह में भात देने गया था। वहां से लौटने के दौरान रात में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सिरसा टोल के पास उनका वाहन हादसे का शिकार हो गया। हादसे में सबसे पहले मिठ्ठेपुर की शमसीरा (60), आसीन (48), सुमाइला (15), चालक शाकिर (25) और लिसाड़ी गेट की फरजाना को मृत घोषित किया गया। बाद में रिहाना (18) ने दम तोड़ दिया। जबकि घायल रेहान, रुबियान और फरहान का जिम्स में उपचार चल रहा है। वहीं, दिल्ली स्थित एम्स में शबनम (38), मुशर्रफ (19) व सिदरा (11) उपचाराधीन हैं। जबकि अक्सा (6) ने दम तोड़ दिया।
‘हादसे ने तीनों बहनों की ले ली जान’
हादसे की खबर सुनकर जिम्स में पहुंचे मिठ्ठेपुर के मोइन ने बताया कि चाचा फइमुद्दीन मेवाती बुलंदशहर में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। मोइन ने बताया कि उनके परिवार में किसी ने गलती होने पर भी उनकी बहनों को उंगली नहीं लगाई। जबकि हादसे में उनकी तीन बहनों सुमाइला, रिहाना और अक्शा की जान ले ली। ये कहकर वह फफक पड़े। उन्होंने बताया कि दो बहनें शाहीन और शाहिना समारोह में पारिवारिक कारणों से नहीं आईं थी। शेष परिवार के सदस्य दो कार में समारोह से लौट रहे थे। हादसे का शिकार हुई ईको वैन आगे चल रही थी और उनकी कार पीछे थी। घटनास्थल से आगे निकलने के बाद उन्हें हादसे का पता चला। मोइन ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाली शुमाइला 9वीं की छात्रा थी। रिहाना व अक्शा भी पढ़तीं थीं। हादसे में जान गंवाने वाले चाचा आसीन प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे।
एक्सप्रेसवे पर नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे
पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी कैमरे केवल टोल प्लाजा पर लगे हैं। इसके चलते हादसे के संबंध में कोई भी ठोस जानकारी नहीं हो पाई। लेकिन हादसा इतनी गंभीर था कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ट्रक के छोटे टुकड़े वैन में घुस गए थे। सीसीटीवी न लगा होने के कारण पुलिस को आरोपी चालक को तलाश करने में परेशानी हो रही है। हादसे के दौरान वैन की रफ्तार लगभग 100 किमी प्रति घंटा बताई गई है। ये भी पता चला है कि गति का उल्लंघन करने पर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र स्थित एक्सप्रेसवे पर चालान भी नहीं किया जा रहा है।
10 से साढ़े 11 बजे तक पहुंचे घायल
जिम्स के चिकित्सक डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि रविवार रात लगभग 10 बजे से हादसे में घायल हुए लोगों के आने का सिलसिला शुरू हुआ और साढ़े 11 बजे तक कुल 13 घायल यहां पहुंचे। इनमें पांच मृत थे और एक ने बाद में दम तोड़ा। चार को रेफर किया गया। तीन का अभी उपचार चल रहा है।
‘तेज धमाका सुना और कुछ पता नहीं’
हादसे में घायल रेहान ने बताया कि उन्होंने एक तेज धमाका सुना था। इसके बाद परिवार के लोगों की चीख पुकार सुनाई देने लगीं। उन्हें कुछ भी नहीं पता कि हादसा कैसे हुआ। इसके बाद उन्हें अस्पताल आकर होश आया।
टोल कर्मियों ने की मदद : एसएसआई
साइट-5 थाने के एसएसआई बीरेंद्र सिंह ने बताया कि तेज धमाके की आवाज सुनकर टोल कर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने घायलों की मदद की। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें जिम्स पहुंचाया गया। वैन के पीछे चल रही कार मेें सवार परिवार के अन्य सदस्यों ने हादसाग्रस्त वैन को देख लिया था लेकिन कोई और गाड़ी समझकर रुके नहीं थे। बाद में हादसे का शिकार हुए किसी व्यक्ति ने उन्हें फोन किया, तब जाकर वह घटनास्थल पर पहुंचे।