आईआईटी दिल्ली के अध्ययन के आधार पर रूट में बदलाव होगा
अगले महीने से योजना लागू करने पर चल रहा विचार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुलभ व प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने बसों के रूट में बड़ा बदलाव किया है। यह फैसला आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर किए गए एआई आधारित अध्ययन के आधार पर लिया गया है।
खासतौर पर यमुनापार क्षेत्र पर फोकस करते हुए डीटीसी ने 24 से अधिक नए रूटों और देवी बसों के लिए करीब 600 नए बस स्टॉप तय किए हैं। इन पर अगले महीने से बसों का संचालन शुरू हो सकता है। माना जा रहा है कि यह पायलट प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा। यदि इसमें सफलता मिलती है तो राजधानी के अन्य क्षेत्रों में भी इसे लागू किया जाएगा। फिलहाल, दिल्ली में 400 देवी बसें चल रही हैं। ये बसें गाजीपुर, ईस्ट विनोद नगर और शास्त्री पार्क डिपो से संचालित की जा रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यमुनापार के लिए कुल 21 रूट में से 18 को पूरी तरह से नए सिरे से डिजाइन किया गया है। इन रूटों में उन इलाकों को भी जोड़ा गया है जो अब तक देवी बस सेवा से अछूते थे। अब नई योजना के तहत हर बस का ठहराव तय होगा और स्टॉप की स्पष्ट पहचान होगी।
खास तरह के होंगे बस स्टॉप
अधिकारियों ने बताया कि देवी बसों के स्टॉप पर पारंपरिक बस क्यू शेल्टर की जगह सिर्फ पिलर मार्किंग की जाएगी। हर पिलर पर रूट नंबर, बस समय और इलाके की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह हल्के और कम जगह घेरे वाले स्टॉप होंगे, जो तंग गलियों और आवासीय इलाकों में भी लगाए जा सकेंगे। डीटीसी का कहना है कि इससे तेजी से नेटवर्क विस्तार संभव होगा और लागत भी कम आएगी। यमुनापार का क्षेत्र घनी आबादी वाला क्षेत्र है। यहां पर तंग गलियाें में देवी बसें आराम से जा सकेंगी। डीटीसी का लक्ष्य है कि आने वाले चरणों में इसी मॉडल को पश्चिम और दक्षिणी दिल्ली में भी लागू किया जाए।