नोएडा (योगेश शर्मा)। इस बार बजट में डिजिटल और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। इससे मोबाइल से लेकर कैमरा तक सस्ता होने की उम्मीद है। कई इलेक्ट्रानिक पार्ट्स पर ड्यूटी कम करने की घोषणा के बाद चार्जर, स्पीकर आदि बनाने वाले एनसीआर के 500 से अधिक छोटे-बड़े उद्योगों को कोरोना काल में बूस्टर डोज मिली है। स्मार्टवॉच से लेकर स्मार्टफोन सस्ते होने से आम आदमी को राहत मिलेगी। साथ ही, नोएडा-ग्रेनो का मोबाइल हब कारोबार रफ्तार पकड़ेगा। जिले में इस तरह के करीब 200 उद्योग हैं।
वित्त मंत्री ने मोबाइल, चार्जर, मोबाइल कैमरा लेंस, ट्रांसफार्मर समेत कई उद्योगों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए छूट की घोषणा की है। इन उत्पाद पर ड्यूटी कंसेशन दिया जाएग। इस कारोबार से जुड़े जानकारों की मानें तो मोबाइल, कैमरा और चार्जर में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स चीन, वियतनाम व थाईलैंड आदि से मंगाने पड़ रहे हैं। इन पर ड्यूटी कम करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी।
उद्यमी संजीव शर्मा ने बताया कि उदाहरण के तौर पर मोबाइल चार्जर में लगने वाले ट्रांसफार्मर पर 15 प्रतिशत ड्यूटी लग रही थी, जिसमें कमी के बाद उत्पाद सस्ते होंगे और इन्हें बनाने वाले नोएडा-ग्रेनो, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के छोटे-बड़े करीब 500 उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के कदम भी उठाए हैं।
कारोबार बढ़ेगा तो रोजगार भी बढ़ेंगे
नोएडा में सबसे बड़ी मोबाइल निर्माता कंपनी सैमसंग के अलावा ग्रेनो में ओपो, विवो ही नहीं, बल्कि इनसे जुड़ी छोटी-बड़ी इकाइयां हैं, जिनमें प्लास्टिक बॉडी से लेकर डाटा केबल, चार्जर, हेडफोन तक बनाए जाते हैं। प्रत्यक्ष रूप से एनसीआर में ही एक लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार इन उद्योगों से मिल रहे हैं। उत्पाद सस्ते होंगे तो कारोबार बढ़ेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।