ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी में करीब सवा दो हेक्टेयर शत्रु संपत्ति पर करीब 25 इमारतें बना दी गईं। इनमें 450 फ्लैट बनाकर बेच दिए गए। भू-माफिया ने अधिकारियों के साथ साठगांठ कर इमारतें बनाकर बेच दिया। एक दिन पहले सीबीआई ने इस मामले में एक आरोपी पर मामला दर्ज किया है। इसके बाद क्षेत्र में फ्लैट खरीदने वाले खरीदार परेशान हैं।
शाहबेरी में तीन बड़े भूखंड शत्रु संपत्तियों के नाम से दर्ज हैं। इनमें पहला भूखंड 0.7240 हेक्टेयर, दूसरा भूखंड 0.390 हेक्टेयर और तीसरा प्लॉट 1.5560 हेक्टेयर का है। भूलेख विभाग में दादरी तहसील के अंतर्गत यह तीनों संपत्तियों का जिक्र शत्रु संपत्ति के तौर पर है। तीनों भूखंड पर 25 इमारतें बना दी गईं। इनमें करीब 450 परिवारों ने फ्लैट ले रखे हैं। अहम है कि उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्ट और एनिमी प्रॉपर्टी एक्ट 1968 के अंतर्गत शत्रु संपत्ति को न तो खरीदा जा सकता है और न ही बेचा जा सकता है। इसके अलावा शत्रु संपत्ति की रजिस्ट्री भी नहीं कराई जा सकती है।
वर्ष 2014 से 2017 के बीच हुए ज्यादातर निर्माण
वर्ष 2014 में शाहबेरी में अधिग्रहण के मामले में उच्च न्यायालय ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए थे। जबकि भू-माफिया ने चुपके से इनमें छह से सात मंजिला इमारतें खड़ी कर दीं। यहां तक कि शत्रु संपत्ति वाली भूमि पर भी इमारतें बना दी गईं। वर्ष 2018 में शाहबेरी में इमारत गिरने के बाद इनका पर्दाफाश हुआ था। इसके बाद से जांच एजेंसियां हरकत में आई हैं। 26 जून वर्ष 2018 में शाहबेरी में दो इमारतों के जमीदोज होने के बाद हुई जांच में सामने आया था कि यह सभी इमारतें अवैध रूप से बनाई गई हैं।
426 में से सुरक्षित हैं केवल तीन इमारतें
शाहबेरी में इमारत गिरने के बाद आईआईटी खड़गपुर से यहां की इमारतों के सुरक्षित होने का सर्वे कराया था। इन 426 इमारतों में से केवल 3 इमारतें ही सुरक्षित पाई गई थीं। इसके बाद सख्ती तो हुई लेकिन अब भू माफिया यहां विला बनाकर बेचने लगे।
बैंकों ने जारी किया 14 हजार करोड़ का लोन
आरबीआई की गाइडलाइन के मुताबिक अधिसूचित और अधिगृहीत भूमि पर बिना प्राधिकरण की एनओसी के लोन जारी नहीं हो सकता। इसके बावजूद यहां करीब सात हजार फ्लैटों पर लोन जारी किया गया। अलग-अलग बैंकों ने सात हजार फ्लैटों के लिए करीब 14 हजार करोड़ रुपये लोन जारी किया गया। शाहबेरी में अधिसूचित और अधिगृहीत भूमि पर अवैध रूप से अब तक करीब सात हजार रजिस्ट्रयां हो चुकी हैं।