नोएडा। एसोटेक बिल्डर के एमडी संजीव श्रीवास्तव व उनकी पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ 4 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि मुंबई निवासी शख्स से नोएडा में तीन फ्लैट देने के नाम पर 4 करोड़ रुपये लेकर फ्लैट दूसरे को बेच दिए गए। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर कोतवाली फेज थ्री ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक मुंबई के कोलाबा में रहने वाले नरेशचंद्र ओबराय ने सेक्टर-63 स्थित मेसर्स एसोटेक लिमिटेड के प्रोजेक्ट सेक्टर-44 स्थित सेलेस्टे टावर में 11 जनवरी 2014 को दो वन बीएचके फ्लैट खरीदे थे। इसके लिए उसी दिन एक करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया था। इसके बाद इसी प्रोजेक्ट के यूरोपा फोर में 4750 वर्गफीट का एक फ्लैट 3 करोड़ में खरीदा। इन दोनों का अलॉटमेंट लेटर भुगतान करने के बाद जारी कर दिया गया। इसके बाद न तो फ्लैट पर कब्जा दिलाया गया न ही पैसे वापस किए गए।
पीड़ित ने अपनी तहरीर में बताया है कि एसोटेक कंपनी के मालिक व एमडी संजीव श्रीवास्तव, उनकी पत्नी प्रिया श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट देखने का काम करने वाली इनकी बेटी शिवानी प्रियम व इनाक्षी प्रियम और पार्टनर राजीव श्रीवास्तव ने मध्यस्थता की। इस मध्यस्थता के दौरान उसी प्रोजेक्ट के यूरोपा फाइव के लिए 2017 में अलॉटमेंट लेटर जारी किया। पिछले वर्ष जब कोरोना काल के वक्त लॉकडाउन हो गया तब नरेशचंद्र नोएडा नहीं आ पाए और इसका अपडेट उन्हें पता नहीं चला। कुछ समय पहले जब उन्हें जानकारी मिली कि यूरोपा फाइव प्रोजेक्ट का फ्लैट बिल्डर ने पहले ही मनोज कौल नामक एक शख्स को बेचा हुआ है। इसके बाद इस मामले में कोतवाली फेज थ्री पुलिस ने संजीव श्रीवास्तव, प्रिया श्रीवास्तव, शिवानी प्रियम, इनाक्षी प्रियम और राजीव श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
जेल में हैं एसोटेक का एमडी
पुलिस के मुताबिक एसोटेक बिल्डर के एमडी संजीव श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों पर कई धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इनमें नोएडा, दिल्ली के अलावा कई शहरों में जांच चल रही है। कंपनी के एमडी संजीव श्रीवास्तव अभी जेल में हैं। उसे दिल्ली पुलिस के आर्थिक अनुसंधान शाखा ने गिरफ्तार किया था।