यूपी में 22 करोड़ की आबादी पर महज 38 लाख आयकर दाता
नोएडा। उत्तर प्रदेश की आबादी करीब 22 करोड़ है, लेकिन आयकर दाताओं की संख्या महज 38 लाख ही है। जबकि आबादी के अनुपात में करदाताओं की संख्या कम से कम 10 फीसदी यानी करीब 2 करोड़ होनी चाहिए। सोमवार को सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में आयोजित कार्यशाला में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) पीके गुप्ता ने यह जानकारी दी।
कार्यशाला में उन्होंने कहा कि करदाताओं की संख्या बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं। तकनीकी युग में वित्तीय लेनदेन को छिपा पाना लगभग नामुमकिन है। सूचनाओं के सत्यापन का काम बड़े स्तर पर किया जा रहा है। कहा कि ईमानदार करदाता का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन कर चोरी करने वालों को बख्शा भी नहीं जाएगा। विभाग की टीडीएस रेंज की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के सरकारी कार्यालयाें, शैक्षणिक संस्थाओं, प्राधिकरणों व नगर निगम के करीब 380 प्रतिभागियों ने भाग लिया। मौके पर आयकर बकाया मांग निस्तारण पखवाड़े की शुरुआत भी की गई। कार्यक्रम में नोएडा के प्रधान आयकर आयुक्त राजू तायेंग, गाजियाबाद की प्रधान आयकर आयुक्त सीमा राज, आयकर आयुक्त अपील सीमा जैन गुप्ता, आयकर आयुक्त टीडीएस कानपुर मनीष मिश्रा, संयुक्त आयुक्त टीडीएस स्मिता सिंह सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। मंच संचालन सहायक आयुक्त विनय कुमार ने किया।
गाजियाबाद-गौतमबुद्धनगर पर 407.59 करोड़ बकाया
वित्तीय वर्ष 2019-20 में आयकर विभाग यूपी पश्चिम व उत्तराखंड का बजट 35,979 करोड़ रुपये है, जिसमें से 10,469.91 करोड़ रुपया टीडीएस का है। इसमें 5438.07 करोड़ अकेले गाजियाबाद रीजन के तहत आने वाले 16 जिलों का है। विभाग की टीडीएस विंग ने बकायदारों का रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि एनसीआर का हिस्सा होते हुए भी गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में टीडीएस के प्रावधानों का सही से अनुपालन नहीं किया जा रहा है। गाजियाबाद रेंज की 407.59 करोड़ रुपया बकाया राशि में नोएडा प्राधिकरण, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल अकाउंट सेलरी बिल, यूनियन बैंक, गाजियाबाद नगर निगम, जिलाधिकारी कार्यालय गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, कमांडेंट 47वीं बटालियन पीएसी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी गाजियाबाद आदि शामिल हैं।
मंदी में भी टैक्स कलेक्शन बढ़ा
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि देश में 20 प्रतिशत तक टैक्स ग्रोथ बढ़ने का अनुमान था, लेकिन अब तक 5 प्रतिशत ग्रोथ हासिल हो पाई है। अगर बात करें पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड की तो इस साल सितंबर तक 5 प्रतिशत टैक्स कलेक्शन बढ़ा है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) से मिलने वाले टैक्स में पिछले साल के मुकाबले इस बार 1080 करोड़ रुपये की कमी आई है। इसे हटाकर देखा जाए तो हमारा टैक्स ग्रोथ 22 फीसदी तक बढ़ा है।
6 लाख से ज्यादा करदाता बढ़े
उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2018 में 32,83,867 करदाता थे, जो 1 अप्रैल 2019 तक बढ़कर 38,77,606 तक पहुंच गए। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 6,60,583 नए करदाताओं को जोड़ने का लक्ष्य है, इसमें 60 हजार का आंकड़ा छू लिया गया है। गाजियाबाद रेंज के तहत 3702 करोड़ रुपये का लक्ष्य है। 15 सितंबर तक 21 प्रतिशत ग्रोथ दर्ज कराई जा चुकी है। इसमें कॉरपोरेट सेक्टर का 10.5 और अन्य का 87.5 प्रतिशत योगदान है।
ऑपरेशन क्लीन मनी हुआ पूरा
नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार ने ऑपरेशन क्लीन मनी को शुरू किया था। इसमें लोगों ने बैंकों में जो कैश जमा किया था, उन मामलों की जांच आयकर विभाग कर रहा था। नोटबंदी के दौरान भारी-भरकम कैश जमा कराने वाले वाले मामलों की 30 सितंबर तक फाइलें तैयार हो जाएंगी।