ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण शुरू करने के लिए पैसों का इंतजाम हो गया है। भारतीय स्टेट बैंक ने यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) को 3725 करोड़ रुपये का कर्ज दे दिया है। अब कोरोना संकट खत्म होते ही इसकी नींव रखी जाएगी और निर्माण शुरू हो जाएगा।
एयरपोर्ट के निर्माण का जिम्मा ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को मिला है। कंपनी ने इसे बनाने के लिए स्पेशल परपज व्हीकल कंपनी वाईआईएपीएल बना दी। इसके नाम पर भारतीय स्टेट बैंक में कर्ज के लिए आवेदन किया गया था। बैंक ने कर्ज मंजूर कर लिया है। निर्माण के लिए पैसों का इंतजाम हो गया है। पहले चरण के अंतर्गत एक रनवे से शुरुआत करने के लिए 5200 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, जिसमें 3725 करोड़ रुपये का कर्ज मिल गया है। वाईआईएपीएल के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा है कि 3725 करोड़ रुपये का ऋण एसबीआई ने डोर-टू-डोर 20 साल की अवधि के लिए दिया है। हम विश्वस्तरीय एयरपोर्ट के विकास के लिए बैंक के साथ मिलकर काम करेंगे। डोर-टू-डोर ऋण अवधि अंतर्गत मूल राशि ब्याज सहित 20 साल के अंदर लौटानी होगी। वाईआईएपीएल को अब उत्तर प्रदेश की पुनर्वास और पुनर्स्थापना प्रक्रिया के पूरे होने और एयरपोर्ट की नींव रखने जाने का इंतजार है। इस एयरपोर्ट से भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में रोजगार के तमाम अवसर मिलेंगे। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने भी निर्माण के लिए कर्ज मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने एयरपोर्ट की नींव रखने की कोई तिथि तय न होने की भी बात कही है।
शुभारंभ के लिए कोरोना संकट खत्म होने का इंतजार
नींव रखने की तैयारी पूरी है, लेकिन कोरोना संकट के कारण इसकी तिथि तय नहीं हो पा रही। जैसे ही कोरोना खत्म होगा, एयरपोर्ट की नींव रखी जाएगी। प्रधानमंत्री के हाथों इसका शिलान्यास होना है। कुल 29,500 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को 2023 में पूरा किया जाना है, लेकिन कोरोना के कारण निर्माण में देरी हो रही है। इससे तय समय पर पूरा होने की उम्मीद कम है। इसे शुरू करने की समयावधि बढ़ सकती है।
यीडा ने दिए अपने हिस्से के 172 करोड़
एयरपोर्ट बनाने के लिए शासन और नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण की साझेदारी से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के नाम से भी कंपनी बनी हुई है। इस कंपनी में उत्तर प्रदेश सरकार व नोएडा प्राधिकरण का शेयर 37.5-37.5 फीसदी है, जबकि ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण का शेयर 12.5-12.5 फीसदी है। इसी कंपनी के तहत एयरपोर्ट के पहले व दूसरे चरण की जमीन अधिगृहीत हो रही है। अपने शेयर के रूप में यमुना प्राधिकरण को 172 करोड़ रुपये देने थे, जिसका भुगतान प्राधिकरण ने बृहस्पतिवार को कर दिया है। बाकी शेयर होल्डर भी पैसे का भुगतान कर चुके हैं।
जीबीयू करेगा दूसरे चरण का एसआईए
दूसरे चरण में 1365 हेक्टेयर जमीन का इंतजाम करना है। जेवर के सात गांवों की 1365 हेक्टेयर जमीन ली जानी है। करौली बांगर में 183 हेक्टेयर, कुरैब में 345 हेक्टेयर, बीरमपुर में 96 हेक्टेयर, दयानतपुर में 165 हेक्टेयर, रन्हेरा में 519 हेक्टेयर, नंगला शाहपुर में 15 हेक्टेयर और रन्हेरा में 43 हेक्टेयर जमीन ली जानी है। करीब 4000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अधिग्रहण से पहले सोशल इंपैक्ट असिस्मेंट (एसआईए) होना है। इसका टर्म ऑफ रेफरेंस जारी किया गया है। गौतमबुद्ध विवि को एसआईए जिम्मेदारी दी गई है। रिपोर्ट आने से पता चलेगा कि जमीन के अधिग्रहण का किसानों के जनजीवन पर क्या असर पड़ेगा। इस रिपोर्ट के बाद किसानों की आपत्ति ली जाएगी। उसका निस्तारण करने के बाद जिला प्रशासन जमीन का अधिग्रहण करेगा।