नोएडा। मुख्यमंत्री के सुबह साढ़े नौ बजे कार्यालय आने के निर्देश का पालन नहीं करना यमुना प्राधिकरण में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को भारी पड़ गया। बृहस्पतिवार को मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने सभी विभागों के रजिस्टर चेक किए तो 35 ऐसे अधिकारी-कर्मचारी मिले जो निर्देश देने के बावजूद समय से ऑफिस नहीं पहुंचे थे। ऐसे में इन सभी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश सीईओ ने दिया है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन कराने के लिए दो दिन पहले ही सभी विभागों में लिखित में निर्देश जारी किए गए थे। इसमें साफ कहा गया था कि सुबह 9:30 बजे तक हाजिरी लगानी होगी। एक दिन छोड़ने के बाद बृहस्पतिवार को सभी विभागों के सुबह रजिस्टर मंगाए गए थे।
जांच में 35 अधिकारी-कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचे थे। इनमें मैनेजर से लेकर क्लर्क तक शामिल हैं। इन सभी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया है। यदि कोई कर्मचारी एक माह में तीन दिन आफिस देरी से आया तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी और लापरवाही वाले रवैये के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
ग्रेनो प्राधिकरण में भी आज से सख्ती
मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन करने के लिए ग्रेनो प्राधिकरण ने भी अधिकारी-कर्मचारियों की हाजिरी की निगरानी करने के लिए तीन अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी ही। बृहस्पतिवार शाम को मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र भूषण ने कहा कि शुक्रवार से सुबह 10 बजे ऑफिस नहीं आने वालों की गैर हाजिरी लगाई जाएगी। तीन दिन ऐसा होने पर निलंबन होगा। सीईओ ने निर्देश दिए हैं कि सरकार की मंशा के अनुरूप अधिकारी-कर्मचारियों को तय समय पर आफिस आना होगा। उपस्थित पंजिका में अपने हस्ताक्षर करने के बाद ही काम शुरू किया जाएगा। एसीईओ अदिति सिंह, एसीईओ दीप चंद्र व एसीईओ अमनदीप डुली हर दिन इसकी निगरानी करेंगे। यदि ऑफिस के अलावा फील्ड में जांच के दौरान कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं मिलेगा तो उसे नोटिस देने के साथ एक दिन का वेतन काटा जाएगा।