तीन स्टोन क्रशर सहित 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
रात में अवैध खनन कर पत्थरों को डंपरों में भरकर ले जाने का आरोप
आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
तावडू। गांव पीपाका के गैर मुमकिन पहाड़ पर अवैध खनन मामले में पुलिस ने 10 नामजद लोगों सहित तीन स्टोन क्रशर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
खनन निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गुरुग्राम/नूंह ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने नूंह जिले की अरावली पहाड़ियों में 12 दिसंबर 2002 से अवैध खनन पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद कुछ लोग सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए अवैध खनन में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि इन्हीं आदेशों की पालना के लिए खनन निरीक्षक अशोक कुमार, खनन रक्षक धर्मपाल व चालक राजेन्द्र सिंह गांव पीपाका/ पाटूका के गैर मुमकिन पहाड़ का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पहाड़ में ताजा अवैध खनन व डंपरों के टायरों के ताजा निशान पाए गए। खदानों में ताजा टूटे पत्थर भी मिले। खनन निरीक्षक अशोक कुमार व टीम के पूछताछ करने पर पता चला कि देर रात आरोपी अवैध खनन का कार्य कर पत्थरों को डंपरों में भरकर रायसीना क्रशर जोन गुरुग्राम ले जाते हैं। निरीक्षक के अनुसार मेसर्स ओम भगवती ग्रीट उद्योग रायसीना, मेसर्ज एकता स्टोन क्रेसिंग कंपनी रायसीना, मेसर्स एकता ग्रीट उद्योग कंपनी रायसीना गुरुग्राम पर अवैध खनन कर पत्थरों को डाला गया है। निरीक्षक की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी साहून, मुबारिक, सद्दीक, रमजान, आमीन, हिप्पी, मुबारिक अति, शोक्त व जाहूदीन सहित तीनों स्टोन क्रशर के खिलाफ माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
अवैध खनन को रोकने के लिए जिलाधीश ने दिए निर्देश
नूंह। जिले में अवैध खनन रोकने संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए नूंह के जिलाधीश ने आदेश जारी करके आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1971 की धारा 144 के तहत जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में गैरकानूनी अवैध खनन कार्यों पर सख्ती से प्रतिबंध लागू करने तथा जिले की सीमा में इस मकसद के लिए उपयोग विस्फोटक पदार्थों की प्राप्ति, भंडारण, बिक्री व निपटान पर आगामी दो माह के लिए तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लागू किया है। जिलाधीश पंकज कुमार ने जारी आदेशों में कहा है कि विस्फोटक पदार्थों के साथ अवैध खनन गतिविधि मानवीय जीवन, उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए खतरा हैं। अत: इन पदार्थों की प्राप्ति, भंडारण, बिक्रीऔर निपटान पर प्रतिबंध रहेगा। जिलाधीश ने ऐसे सभी अनुमति पत्रों को आगामी दो माह तक रद्द कर दिया है। उन्होंने बताया कि यह आदेश 9 नवंबर 2018 से 8 जनवरी 2019 तक लागू रहेंगे। इस अवधि के दौरान नूंह जिले की सीमा के भीतर कोई भी व्यक्ति पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध खनन के मकसद से विस्फोटक पदार्थों की प्राप्ति, भंडारण, बिक्री व उसका निपटान नहीं कर पाएगा। जिलाधीश ने अपने आदेशों में सभी उपमंडल अधिकारी (नागरिक) व संबंधित क्षेत्र के डीएसपी रैंक के अधिकारियों को लाइसेंस होल्डर के सभी स्टॉक चेक करने व उसे सील करने के आदेश भी दिए। ब्यूरो