अधिकार के अभाव में मेहरबानी का इंतजार
सेक्टर-27 की आरडब्ल्यूए ने फंड मुहैया कराने की मांग की, कहा- सांसद और विधायक जैसे अधिकार क्यों नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। जनता सांसद और विधायक को वोट देकर चुनती है तो उनके पास तमाम अधिकार आ जाते हैं। लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत आरडब्ल्यूए पदाधिकारी भी वोट से ही चुने जाते हैं, लेकिन उनके पास न तो शक्तियां होती हैं न ही अधिकार। इसी वजह से सेक्टरों के लोग लंबे समय तक समस्याओं से जूझते रहते हैं। छोटे छोटे काम तक के लिए प्राधिकरण की मेहरबानी का इंतजार करना पड़ता है। अमर उजाला सेक्टर संवाद की मदद से सेक्टर-27 की आरडब्ल्यूए ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। उनका कहना है कि जब जनता द्वारा चुने सांसद और विधायक को अधिकार और शक्तियां दी जा सकती हैं तो आरडब्ल्यूए को क्यों नहीं। अध्यक्ष राजीव गर्ग ने फंड की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सेक्टर में यदि सीवर का ढक्कन भी टूट जाए तो उसे बदलवाने के लिए प्राधिकरण की लंबी टेंडर प्रक्रिया है। कई बार छोटी छोटी समस्याएं साल भर तक बनी रहती हैं। ऐसे हालात में सेक्टर वासियों की परेशानी बढ़ती है लेकिन आरडब्ल्यूए चाहकर भी कदम नहीं उठा सकती। प्रतिनिधियों ने समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए फंड मुहैया कराने की मांग उठाई है। इस बारे में स्थानीय जन प्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया है।
सुरक्षा मजबूत करने का प्रयास
एक तरफ सेक्टर-27 के निवासी सीवर, पानी जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ आरडब्ल्यूए सुरक्षा जैसे पहलू पर प्राथमिकता के आधार पर काम कर रही है। मसलन, सेक्टर की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और गेट लगवाने का काम जारी है। निवासियों का कहना है कि अस्पताल की वजह से पार्किंग की बड़ी समस्या का सामना लोग कर रहे हैं। इसका समाधान होना चाहिए।
सामुदायिक केंद्र की सुविधा नहीं
सेक्टर-27 शहर का सबसे पुराना सेक्टर है, लेकिन प्लानिंग में चूक का खामियाजा स्थानीय निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। ये ऐसा सेक्टर है जहां सामुदायिक केंद्र जैसी सुविधा ही नहीं है। नोएडा प्राधिकरण ने क्लब का निर्माण करा सेक्टर में आमदनी का नया जरिया खोज लिया है। लेकिन इसका फायदा सेक्टर के लोगों को कितना मिलेगा, यह कहा नहीं जा सकता।
अधिकार और शक्तियां न होने की वजह से सेक्टर की छोटी समस्याओं के लिए भी प्राधिकरण पर निर्भर रहना पड़ता है। यह एक बड़ी समस्या है।
राजीव गर्ग, सेक्टर-27 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष
आरडब्ल्यूए का मतलब निवासियों के हित में कार्य करने वाली संस्था होना चाहिए। हमारे पास न शक्तियां हैं और न ही अधिकार। इसके बाद भी हम सेक्टर को संवारने का प्रयास कर रहे हैं।
एमएल शर्मा, आरडब्ल्यूए पदाधिकारी
जनप्रतिनिधियों को जनता चुनती है। उन्हें वेतन व पेंशन जैसी सुविधाएं मिलती हैं। उनसे ज्यादा जवाबदेही आरडब्ल्यूए की होती है। लेकिन उनके लिए कोई सुविधा नहीं है। छोटे काम कराने के लिए फंड रिजर्व होना चाहिए।
एमएल गोगिया, आरडब्ल्यूए पदाधिकारी
बॉक्स
आज सेक्टर-18 बाजार जाएगी टीम
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम अभियान के तहत शनिवार की दोपहर अमर उजाला की टीम नोएडा के मिनी कनॉट प्लेस कहे जाने वाले सेक्टर-18 बाजार जाएगी। बाजार के व्यापारियों से वहां की समस्याओं के संबंध में बात जाएगी।