नूंह। नल्हड़ स्थित मेडिकल कॉलेज में बीते 24 घंटों में 3 और बच्चों की मौत हो गई। इससे पहले 9 मासूमों की मौत हो चुकी है। अब तक मेडिकल कॉलेज में 12 बच्चों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा और अधिक है, लेकिन कॉलेज प्रशासन द्वारा मौत के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है।
जिले में बीते दो सप्ताह से बच्चों में बुखार, निमोनिया, खून की कमी, पीलिया, उल्टी, दस्त सहित विभिन्न प्रकार की बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। इसी कारण बच्चों की मौत हो रही है। कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, यहां पर आने वाले बच्चों की संख्या पहले से तीन गुना अधिक बढ़ गई है। हालात यह हैं कि बच्चों को बेड नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में मरीजों को बाहर भी रेफर नहीं किया जा रहा है। एक बेड पर तीन से चार बच्चों को उपचार किया जा रहा है। बच्चों में लगातार बीमारियों के बढ़ने से अभिभावक और आमजन चिंतित हैं तो दूसरी ओर कॉलेज प्रशासन भी पूरी सतर्कता बरत रहा है। मेडिकल कॉलेज में बच्चों की देखभाल के लिए 4 सीनियर और 4 जूनियर डॉक्टरों को तैनात किया गया है। बच्चों की बीमारियों के केस बढ़ने पर डॉक्टरों और स्टाफ के अन्य सदस्यों के अवकाश रद्द कर दिए गए हैं। लेकिन, मरीजों की संख्या कम नहीं होने के कारण इलाज करने में भी परेशानी आ रही है। मेडिकल कॉलेज के हालातों के बारे में जिला प्रशासन, कॉलेज प्रशासन ने सरकार के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। अब तक सरकार की ओर से इस और कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
फिलहाल, मेडिकल कॉलेज ही नहीं बल्कि जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी बिस्तर उपलब्ध नहीं हैं। दूसरी ओर जिले में पहले से ही स्टाफ और संसाधनों का अभाव है। लेकिन, इस वर्ष बच्चों में बढ़ी बीमारियों से यह समस्या कई गुना बढ़ गई है। इसी कारण बच्चों के इलाज में परेशानी हो रही है।
मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. पवन गोयल और सुपरिटेंडेंट डॉ. महा सिंह ने बताया कि इन दिनों बच्चों में बीमारियों के काफी मामले सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद वह बच्चों को बेहतर इलाज देने का प्रयास कर रहे हैं। बच्चों में किसी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें या फिर अस्पताल लेकर आएं। बेड आदि की समस्या मरीजों की संख्या बढ़ने से हो रही है। अभी उनके यहां पर 277 बच्चे उपचारधीन हैं।
बच्चों के उपचार का वीडियो वायरल
मेडिकल कॉलेज में एक बेड पर चार से अधिक बच्चों का उपचार होने का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पर लोगों ने प्रशासन और सरकार से मेडिकल कॉलेज की ओर ध्यान देने को कहा। इस दौरान लोगों ने जिले के राजनेताओं पर भी तंज कसे।
संक्रमण फैलने का भी खतरा बढ़ा
एक बेड पर तीन से अधिक बच्चों के होने के कारण उनमें संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। क्योंकि, एक बच्चें के साथ कई कई लोग मौजूद हैं। दूसरी ओर सभी में अलग-अलग तरह की बीमारियां हैं, जिससे एक-दूसरे में संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ जाता है। अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो यह बच्चों के लिए और अधिक खतरनाक साबित हो सकता हैं।
नूंह विधायक ने किया निरीक्षण
नूंह से विधायक आफताब अहमद ने शुक्रवार को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज निदेशक डॉ. पवन गोयल और सुपरिटेंडेंट डॉ. महा सिंह से बच्चों की बीमारियों से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने कॉलेज प्रशासन से मरीजों को बेहतर इलाज करने को कहा। उन्होंने कॉलेज की समस्याओं को सरकार के समक्ष प्राथमिकता के साथ पहुंचाने का आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि कॉलेज में मरीजों को बेहतर इलाज दिया जाए, इसके लिए वह पूरी तरह से प्रयासरत हैं। इस दौरान विधायक ने इमरजेंसी का निरीक्षण का मौके पर मरीजों का हाल जाना।