फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अभिभावकों की लापरवाही से मासूमों को बचाने की 3.43 लाख डोज बर्बाद

विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा (योगेश शर्मा)। कोरोना वायरस से जंग में वैक्सीन सबसे अहम हथियार है, लेकिन बच्चों की वैक्सीन की बर्बादी प्रदेश सरकार के लिए भी चिंता का सबब बन गई है। प्रदेश में 12 से 14 वर्ष के बच्चों को लग रही कोर्बेवैक्स वैक्सीन की 3.43 लाख से ज्यादा डोज बर्बाद हो चुकी हैं। ऐसा अभिभावकों की लापरवाही से हुआ है जो सिर पर मंडरा रही कोरोना की चौथी लहर के खतरे के बाद भी बच्चों को टीका नहीं लगवा रहे हैं। प्रदेश स्तर पर बच्चों की वैक्सीन की क्षति का कुल आंकड़ा 14 प्रतिशत दर्ज किया गया है। हालांकि, गौतमबुद्ध नगर में में यह आंकड़ा 3 फीसदी ही है।
विज्ञापन

हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में कोर्बेवैक्स की बर्बादी की बात सामने आई है। 16 मार्च से देशभर में बच्चों का टीकाकरण शुरू किया गया था। प्रत्येक जिले के लिए टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। रिपोर्ट की मानें तो 7 अप्रैल तक प्रदेश में 24,01,200 कोर्बेवैक्स की डोज की खपत हुई है, लेकिन इसमें 20,57,598 डोज ही बच्चों को दी गई हैं। करीब 14 फीसदी यानी 3,43,602 डोज की क्षति हुई, जबकि केंद्र सरकार की तरफ से लगातार वैक्सीन की बर्बादी को रोकने की हिदायत राज्यों को दी जा रही है। गौतमबुद्ध नगर में वैक्सीन की क्षति का आंकड़ा 3 फीसदी है, लेकिन कासगंज में यह आंकड़ा 48 फीसदी और बस्ती व चित्रकूट में 42 फीसदी है।
जब बच्चे होंगे 18 तब खुलेगी शीशी
कोर्बेवैक्स वैक्सीन की एक वॉयल में 20 डोज होती हैं जो वैक्सीन की बर्बादी की सबसे बड़ी वजह बन रही है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण केंद्र पर कम से कम 15 से 18 बच्चे एकत्रित होने पर वॉयल खोलने की हिदायत दी है, ताकि वैक्सीन की बर्बादी को रोका जा सके। ऐसे में टीकाकरण के प्रति जागरूक लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। इन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है या फिर एक केंद्र से दूसरे केंद्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस समस्या को ध्यान में रखकर विभाग ने कम ही केंद्रों पर बच्चों का टीकाकरण सत्र चलाया हुआ है।
विज्ञापन

गाजियाबाद से लेना चाहिए सबक
रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद ही ऐसा जनपद है जहां वैक्सीन की खपत के मुकाबले बच्चों को पहली डोज लगाई गई है। मसलन, 57,660 डोज की खपत हुई तो इतने ही बच्चों को वैक्सीन भी लगाई गई। यहां वैक्सीन की बर्बादी का प्रतिशत शून्य दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें